पश्चिम एशिया के तनाव के बीच पहला भारतीय एलपीजी कैरियर शिवालिक मुंद्रा पोर्ट पहुंचा
सारांश
Key Takeaways
- शिवालिक जहाज ने मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचकर महत्वपूर्ण गैस की आपूर्ति की है।
- इस यात्रा में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
- पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद यह यात्रा सफल रही है।
- भारतीय झंडा वाला अन्य जहाज भी यात्रा पर हैं।
- इस प्रकार के जहाज भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हैं।
गांधीनगर, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया की तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारतीय जहाज शिवालिक ने एलपीजी कैरियर के रूप में गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट पर दस्तक दी है। यह जहाज कतर से गैस लेकर भारत आया है। सोमवार शाम 5 बजे यह जहाज मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा, जिसकी जानकारी पहले ही शिपिंग मंत्रालय द्वारा प्रेस को दी गई थी。
शिवालिक लगभग 45 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है, जो कि करीब 32 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है।
यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की दिशा में रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत आने वाला पहला एलपीजी जहाज है।
सोमवार को भारत सरकार के मंत्रालयों की प्रेस ब्रीफिंग में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया, “शिवालिक, जो फारस की खाड़ी से निकला था, होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत पहुंचा।”
सिन्हा ने यह भी आश्वासन दिया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "पिछले 24 घंटों में किसी भी प्रकार की घटना की सूचना नहीं मिली है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हर जहाज और उसके क्रू मेंबर के साथ संपर्क बना हुआ है। फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में अभी भी भारत के झंडे वाले 22 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक हैं।"
सिन्हा ने आगे बताया कि यूएई से निकला एक जहाज 17 मार्च तक कच्चा तेल लेकर भारत पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा, “भारतीय झंडा वाला जहाज ‘जग लाडकी’ ने 14 मार्च को यूएई से रवाना होकर करीब 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर यात्रा शुरू की है। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। यह जहाज कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएगा।”