बाकू में 13वें वर्ल्ड अर्बन फोरम में 'भारत मंडप' का उद्घाटन, शहरी परिवर्तन की यात्रा दुनिया के सामने
सारांश
मुख्य बातें
अजरबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित 13वें वर्ल्ड अर्बन फोरम (WUF 13) में भारत मंडप (इंडिया पवेलियन) का औपचारिक उद्घाटन किया गया, जो भारत के तेज़ी से बदलते शहरी परिदृश्य को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है। 19 मई 2026 को हुए इस उद्घाटन में भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर और अजरबैजान में भारतीय राजदूत अभय कुमार ने संयुक्त रूप से पवेलियन का शुभारंभ किया।
भारत मंडप की थीम और उद्देश्य
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा तैयार इस पवेलियन की थीम 'भारत का शहरी परिवर्तन: एक अरब सपनों को घर' रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की समावेशी, लचीली और सतत शहरी विकास की यात्रा को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष रखना है। राजदूत अभय कुमार ने कहा कि यह पवेलियन दिखाता है कि 'राष्ट्रीय और शहर-स्तरीय पहलें किस प्रकार आम नागरिकों की आकांक्षाओं को इनोवेटिव नीतियों, जनभागीदारी और साझेदारियों के माध्यम से जमीनी हकीकत में बदल रही हैं।'
आयोजकों का मानना है कि यह मंडप वैश्विक साझेदारों और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और विचार-विनिमय का केंद्र बनेगा।
वर्ल्ड अर्बन फोरम: पृष्ठभूमि और इस वर्ष की थीम
वर्ल्ड अर्बन फोरम संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित एक प्रमुख वैश्विक सम्मेलन है, जो सतत शहरीकरण और शहरी चुनौतियों पर विमर्श के लिए हर दो साल में आयोजित होता है। 2001 में इसकी स्थापना हुई थी। 13वाँ वर्ल्ड अर्बन फोरम बाकू में 17 से 22 मई 2026 तक चल रहा है। इस संस्करण की थीम 'हाउसिंग द वर्ल्ड: सेफ एंड रिसीलिएंट सिटीज़ एंड कम्युनिटीज़' है — अर्थात ऐसे शहर और समुदाय जो सुरक्षित, सुदृढ़ और सभी वर्गों के लिए सुलभ हों।
भारत की शहरी योजनाएँ और आँकड़े
प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) — PMAY-U और PMAY-U 2.0 — के ज़रिये सरकार करोड़ों शहरी गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों को घर निर्माण, खरीद और किराए के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता दे रही है। PMAY (अर्बन) की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को किफायती दर पर आवास के लिए सब्सिडी और वित्तीय मदद मिल रही है।
गौरतलब है कि 2036 तक भारतीय शहरों में लगभग 60 करोड़ लोगों के निवास करने का अनुमान है — यह संख्या आज की तुलना में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी दर्शाती है और शहरी बुनियादी ढाँचे पर दबाव की गंभीर चुनौती पेश करती है।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर किफायती आवास और जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन की माँग तेज़ हो रही है। भारत का WUF 13 में सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि देश अपनी शहरी नीतियों को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में पवेलियन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ सत्र और विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।