तुषार कुमार बने यूके के सबसे युवा भारतीय मूल के मेयर, 23 साल की उम्र में रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा से संबंध रखने वाले 23 वर्षीय तुषार कुमार ने यूनाइटेड किंगडम में इतिहास रच दिया है — वह भारतीय मूल के सबसे युवा मेयर बन गए हैं। 13 मई 2025 को बोरेहमवुड के फेयरवे हॉल में आयोजित मेयर-मेकिंग सेरेमनी में उन्हें आधिकारिक तौर पर एल्स्ट्री और बोरेहमवुड का मेयर नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति ब्रिटेन में भारतीय समुदाय की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी का एक उल्लेखनीय प्रमाण है।
मेयर-मेकिंग समारोह का आयोजन
फेयरवे हॉल में हुए इस समारोह में काउंसलर, सामाजिक नेता, कम्युनिटी संगठनों के प्रतिनिधि, स्थानीय निवासी, परिवार के सदस्य और मित्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह में तुषार कुमार ने पूर्व मेयर काउंसलर डैन ओजारो का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने डिप्टी मेयर के रूप में अनुभव अर्जित किया। उन्होंने काउंसलर लिंडा स्मिथ को नए डिप्टी मेयर के रूप में बधाई भी दी।
तुषार कुमार का राजनीतिक सफर
तुषार कुमार ने किंग्स कॉलेज लंदन से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई के दौरान, महज 20 वर्ष की आयु में पहली बार काउंसलर चुने गए थे। तीन वर्षों के भीतर उन्होंने मेयर पद तक का सफर तय किया — एक ऐसी यात्रा जिसे उन्होंने स्वयं 'किसी सपने जैसा' बताया। गौरतलब है कि यह उपलब्धि उन्हें यूके के सबसे युवा कार्यरत मेयरों में स्थान दिलाती है।
एक्स पर तुषार का संदेश
समारोह के बाद तुषार कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'एल्स्ट्री और बोरेहमवुड का मेयर बनना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। 23 साल की उम्र में यूके के इतिहास में भारतीय मूल का सबसे युवा मेयर बनना अविश्वसनीय लगता है। किंग्स कॉलेज लंदन में पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई से लेकर अब अपने पसंदीदा शहर की सेवा करने तक का यह सफर किसी सपने जैसा लग रहा है।' उन्होंने परिवार और मित्रों का भी विशेष धन्यवाद किया।
युवाओं को प्रेरणा देने का संकल्प
तुषार कुमार ने उम्मीद जताई कि उनकी उपलब्धि से और अधिक युवा स्थानीय लोकतंत्र, समाज सेवा और कम्युनिटी कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने अपनी कार्यशैली स्पष्ट करते हुए कहा कि वह 'ऐसे मेयर बनना चाहते हैं, जो लोगों के बीच मौजूद रहें' और एल्स्ट्री और बोरेहमवुड के निवासियों तथा स्थानीय संगठनों से निरंतर जुड़े रहें।
भारतीय समुदाय के लिए क्या मायने रखती है यह उपलब्धि
यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन में भारतीय मूल के नागरिकों की राजनीतिक उपस्थिति लगातार मज़बूत हो रही है। हरियाणा से जुड़े तुषार की यह सफलता दर्शाती है कि प्रवासी भारतीय समुदाय की अगली पीढ़ी स्थानीय शासन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियाँ युवा भारतीय-ब्रिटिश नागरिकों को मुख्यधारा की राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।