दीपिका नागर हत्याकांड: पोस्टमॉर्टम में मस्तिष्क हेमेटोमा, फटी तिल्ली और 38 सेमी गहरे निशान, दहेज हत्या का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित जलपुरा गाँव में नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने गंभीर खुलासे किए हैं — शरीर पर भारी बाहरी और आंतरिक चोटों के निशान मिले हैं, जो जाँच एजेंसियों के अनुसार हिंसक आघात की ओर इशारा करते हैं। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या मिला
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दीपिका के दाहिने चेहरे पर लगभग 12 सेंटीमीटर लंबी सूजन के निशान पाए गए। बाईं कोहनी और बाएँ हाथ पर गहरी चोटें दर्ज की गईं, जबकि दाहिनी जाँघ पर करीब 38 सेंटीमीटर लंबा गहरा नीला दबाव-चिह्न पाया गया।
बाएँ घुटने पर हड्डी तक गहरा घाव मिला। इसके अतिरिक्त कमर और पेट के निचले हिस्से में चोट, दाहिने इलियक क्रेस्ट के ऊपर बड़े आकार का गोलाकार कंट्यूजन, और हाथों के चारों ओर चोट के निशान भी रिपोर्ट में दर्ज हैं। पोस्टमॉर्टम के दौरान बाएँ कान से रक्तस्राव तथा सीने और पेट के बाईं ओर दबाव एवं घर्षण के गहरे निशान भी पाए गए।
आंतरिक चोटों की गंभीरता
रिपोर्ट में मस्तिष्क के मध्य और बाईं ओर हेमेटोमा — यानी रक्त का थक्का — पाया गया, जिसे चिकित्सकीय दृष्टि से गंभीर हिंसक चोट का परिणाम माना जाता है। तिल्ली फटी हुई मिली और बाईं किडनी पीली अवस्था में पाई गई।
शरीर के विभिन्न हिस्सों में अंदरूनी रक्तस्राव की पुष्टि हुई है और हृदय के चैम्बर खाली पाए गए। रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि ये चोटें भारी आघात की ओर संकेत करती हैं। विसरा को सुरक्षित कर विषैले पदार्थों की जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
परिवार का बयान और आरोप
दीपिका की माँ सरोज नागर ने बताया कि उन्हें रात करीब एक बजे सूचना मिली कि उनकी बेटी छत से गिर गई है। उन्होंने कहा, 'उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कैसे गिरी या असल में क्या हुआ था। जब हमने पूछा, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।' सरोज नागर के अनुसार ससुराल पक्ष पिछले आठ महीनों से दीपिका को प्रताड़ित कर रहा था।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि दहेज की माँग पूरी न होने पर दीपिका के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जाता था। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में दहेज उत्पीड़न और संदिग्ध वैवाहिक मौतों के मामलों पर पहले से ही सामाजिक बहस जारी है।
जाँच की स्थिति
ईकोटेक-3 थाना पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आई चोटों की प्रकृति को देखते हुए जाँच दल आगे की कार्रवाई कर रहा है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण की पुष्टि हो सकेगी।
आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और पारदर्शी जाँच ज़रूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। आगे की कानूनी कार्रवाई विसरा और अन्य फोरेंसिक रिपोर्टों पर निर्भर करेगी।