कोलकाता में गुजराती व्यापारी के कर्मचारियों से ₹42 लाख की लूट, नकली डील में फँसाकर किया अपहरण
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के सर्वे पार्क इलाके में एक संगठित गिरोह ने गांधीनगर, गुजरात के एक व्यापारी के दो कर्मचारियों को नकली व्यापारिक सौदे का झाँसा देकर कथित तौर पर ₹42 लाख लूट लिए और फिर उन्हें अगवा कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना मई 2026 के पहले सप्ताह में हुई, जिसकी औपचारिक शिकायत बाद में सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई।
कैसे बिछाया गया जाल
जाँच के अनुसार, गांधीनगर के व्यापारी से कोलकाता के कुछ अज्ञात लोगों ने व्यापारिक सौदे के नाम पर संपर्क किया। संदिग्धों ने खुद को व्यापारी बताते हुए कोलकाता से गुजरात कुछ माल भेजने की पेशकश की और कहा कि ₹42 लाख का अग्रिम भुगतान करने पर सामान तुरंत रवाना कर दिया जाएगा। इस तरह एक विश्वसनीय सौदे का भ्रम खड़ा किया गया।
व्यापारी ने भरोसा करते हुए अपने दो कर्मचारियों को नकद लेकर कोलकाता भेजा। कर्मचारियों को दक्षिण कोलकाता के न्यू संतोषपुर इलाके में एक घर में बुलाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, जैसे ही कर्मचारी उस घर में पहुँचे, उन्होंने नकद सौंपने से पहले माल की डिलीवरी की माँग की। इस पर कथित तौर पर लगभग छह हथियारबंद लोगों ने उन्हें बंदूक की नोक पर एक कमरे में बंद कर दिया और ₹42 लाख का बैग छीन लिया।
इसके बाद आरोपियों ने दोनों कर्मचारियों को जबरन एक वाहन में बैठाया और हावड़ा जिले के कोना एक्सप्रेसवे पर ले जाकर फेंक दिया। पीड़ित किसी तरह हावड़ा रेलवे स्टेशन पहुँचे और गुजरात लौटकर व्यापारी को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही गांधीनगर के व्यापारी स्वयं कोलकाता पहुँचे और सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन में लूट और अपहरण की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
जाँचकर्ता तीन मोर्चों पर एक साथ काम कर रहे हैं — सीसीटीवी फुटेज की जाँच, उस घर की पहचान जहाँ पीड़ितों को बंधक बनाया गया, और व्यापारी से संपर्क के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त।
आम जनता पर असर
यह घटना उस बढ़ते खतरे की ओर ध्यान दिलाती है जिसमें अपराधी व्यापारिक नेटवर्क का दुरुपयोग कर बाहरी राज्यों के व्यापारियों को निशाना बनाते हैं। गौरतलब है कि इस तरह के 'फर्जी डील' घोटाले में पीड़ित अक्सर तुरंत शिकायत दर्ज नहीं करा पाते, जिससे आरोपियों को भागने का मौका मिल जाता है।
क्या होगा आगे
पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार, कॉन्टैक्ट नंबरों तथा सीसीटीवी साक्ष्य के आधार पर जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।