क्या ग्रेटर नोएडा में दहेज हत्या की घटना ने राष्ट्रीय महिला आयोग का ध्यान खींचा?

सारांश
Key Takeaways
- ग्रेटर नोएडा में दहेज हत्या की घटना ने समाज में चर्चा पैदा की है।
- राष्ट्रीय महिला आयोग ने यूपी पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन न्याय की प्रक्रिया अभी जारी है।
- दहेज प्रथा के खिलाफ समाज को एकजुट होना होगा।
- न्याय की मांग अब और भी तेज हो गई है।
नई दिल्ली, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा में दहेज की मांग के चलते एक महिला को आग लगाकर बेरहमी से मार डालने की घटना ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। इस दिल दहला देने वाले मामले पर अब राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने गंभीर रुख अपनाया है।
आयोग ने इस घटना की मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार और पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई और मृतका के परिजनों व गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच की जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा और पीड़िता को न्याय मिल सके। इसके साथ ही तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट भी आयोग को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
यह घटना उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से सामने आई है, जहां एक विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और फिर कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया गया। घटना के बाद पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस मामले में अब तक मृतका के आरोपी पति और उसकी सास की गिरफ्तारी हो चुकी है। कोर्ट ने आरोपी पति को न्यायिक हिरासत के तहत १४ दिनों के लिए जेल भेज दिया है।
मृतका की बहन ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग कर रहा था और इसी को लेकर लगातार उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। अंततः, यह प्रताड़ना जानलेवा साबित हुई।