मेघालय : पूर्व सीएम संगमा ने मोमिनिन के भड़काऊ भाषण पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

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मेघालय : पूर्व सीएम संगमा ने मोमिनिन के भड़काऊ भाषण पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

सारांश

पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने एस.जी. मोमिनिन के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिससे आगामी चुनावों से पहले सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की संभावना है।

Key Takeaways

  • मुकुल संगमा ने एस.जी. मोमिनिन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
  • भाषण से सांप्रदायिक तनाव बढ़ने का खतरा।
  • शिकायत में राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता का जिक्र।
  • पुलिस से कानूनी कार्रवाई की अपील।
  • गर्मी में दिए गए भाषणों का सामुदायिक प्रभाव।

शिलांग, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने पूर्व विधायक एस.जी. एस्मातुर मोमिनिन के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। संगमा ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ऐसा भाषण दिया है, जिससे आगामी गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) चुनावों से पहले सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है।

मंगलवार को फूलबाड़ी पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज को भेजी गई एक लिखित शिकायत में, संगमा ने एक सोशल मीडिया वीडियो क्लिप का जिक्र किया।

इस फुटेज में मोमिनिन को 9 मार्च की शाम को एक सभा में संबोधित करते हुए देखा गया, जो कि उसी दिन पहले एक मारपीट की घटना के तुरंत बाद हुआ।

संगमा के अनुसार, यह घटना तुरा में डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस में हुई जब मोमिनिन ने जीएचएडीसी चुनावों के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर जमा किया।

अपनी शिकायत में, संगमा ने कहा कि भाषण में भड़काऊ 'चुनावी बयानबाजी' थी, जबकि इस समय क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता पहले से ही बढ़ी हुई है।

यह तनाव विशेष रूप से गारो हिल्स क्षेत्र में जिला परिषद चुनावों में गैर-आदिवासी उम्मीदवारों की भागीदारी से जुड़ा है।

संगमा ने कहा कि गरमागरम राजनीतिक माहौल में दिए गए ऐसे बयान समुदायों के बीच फूट और दुश्मनी को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोमिनिन ने दो अन्य सार्वजनिक हस्तियों के साथ उनका नाम लिया और दावा किया कि उन्होंने चुपचाप उनके नॉमिनेशन और चुनावों में गैर-आदिवासी उम्मीदवारों की भागीदारी का समर्थन किया था।

इस दावे को संगमा ने पूरी तरह से खारिज कर दिया और कहा कि उन्होंने मोमिनिन से कभी कोई चर्चा नहीं की और न ही किसी तरह की मंजूरी दी।

उन्होंने इसे 'बिल्कुल झूठा' बताया और चेतावनी दी कि ऐसी अफवाहें सांप्रदायिक झगड़े को भड़का सकती हैं।

हालांकि इकट्ठा हुए लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकी, संगमा ने कहा कि वीडियो में सुनाई देने वाली आवाज़ें यह दर्शाती हैं कि वहां दस से अधिक लोग थे।

उन्होंने पुलिस से मोमिनिन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करने की अपील की है, जिसमें धाराएँ 192, 196, 353, और 57 शामिल हैं, या किसी अन्य लागू कानून के तहत।

Point of View

NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

मुकुल संगमा ने मोमिनिन के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
संगमा ने आरोप लगाया है कि मोमिनिन ने ऐसा भाषण दिया है, जिससे सांप्रदायिक तनाव भड़क सकता है।
यह घटना कब हुई थी?
यह घटना 9 मार्च को हुई थी जब मोमिनिन ने चुनाव के लिए नॉमिनेशन पेपर जमा किया।
क्या संगमा ने मोमिनिन के भाषण को भड़काऊ कहा है?
जी हां, संगमा ने मोमिनिन के भाषण को भड़काऊ 'चुनावी बयानबाजी' बताया है।
संगमा ने पुलिस से क्या अपील की है?
संगमा ने पुलिस से मोमिनिन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज करने की अपील की है।
इस भाषण का चुनावों पर क्या प्रभाव हो सकता है?
इस भाषण से गारो हिल्स में चुनावी माहौल में तनाव बढ़ सकता है, जो समुदायों के बीच फूट का कारण बन सकता है।
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