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मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री ने केंद्र को बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सड़क योजना की स्वीकृति पर धन्यवाद दिया

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मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री ने केंद्र को बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सड़क योजना की स्वीकृति पर धन्यवाद दिया

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3,839 करोड़ रुपए की लागत से बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सड़क परियोजना को मंजूरी देने के लिए केंद्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। यह परियोजना इंदौर और उज्जैन के औद्योगिक केंद्रों से सीधे जुड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्र का धन्यवाद दिया।
परियोजना की लागत 3,839 करोड़ रुपए है।
सड़क परियोजना इंदौर और उज्जैन के औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी।
यह सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सहायक होगी।
यात्रा की कुशलता में सुधार करने का लक्ष्य है।

भोपाल, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को एनएच-752डी के बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन को 3,839 करोड़ रुपए की लागत से फोर-लेन करने की मंजूरी देने के लिए केंद्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के टिमरवानी इंटरचेंज तक सीधी चार-लेन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बताया जिससे इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास के औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी, साथ ही धार और झाबुआ जिलों का समग्र आर्थिक विकास भी सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री यादव ने एक बयान में कहा, "यह मंजूरी और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं का आना-जाना सरल हो जाएगा। इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कैबिनेट का दिल से धन्यवाद।"

उन्होंने 'जल जीवन मिशन' का कार्यकाल दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और कुल लागत को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपए करने के केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय का भी स्वागत किया, जिससे 'हर घर को पानी' के संकल्प को नई गति मिलेगी।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने मंगलवार को बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन से 80.45 किलोमीटर लंबे चार-लेन कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी।

प्रस्तावित चार-लेन प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यात्रा की कुशलता को बढ़ाना है और इससे यात्रा का समय लगभग एक घंटा कम होने की संभावना है।

70.40 किमी लंबे उज्जैन-बदनावर सेक्शन को पहले ही दो-लेन से चार-लेन में अपग्रेड किया जा चुका है।

टिमरवानी-थांदला-पेटलावद-बदनावर-उज्जैन कॉरिडोर गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन के लिए यातायात का सबसे छोटा मार्ग है।

टिमरवानी-बदनावर सेक्शन के अपग्रेडेशन से अंतर-राज्य कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यातायात का कुशल संचालन संभव होगा। इस बेहतर लिंकेज से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, कच्चे माल और तैयार माल की कुशल आवाजाही आसान होगी और इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास में मौजूद औद्योगिक हब/बहु-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तक पहुंच मजबूत होगी।

प्रस्तावित प्रोजेक्ट उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करता है जिसे बेहतर सुरक्षा और बिना रुकावट यातायात संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यात्रा का समय, भीड़भाड़ और संचालन लागत कम होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सहायक होता है। मुख्यमंत्री का केंद्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त करना इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर विकास की दिशा में काम कर रही है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सड़क परियोजना का उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यात्रा की कुशलता में सुधार करना और औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच को आसान बनाना है।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की लागत 3,839 करोड़ रुपए है।
क्या इस परियोजना से सिंहस्थ 2028 पर असर पड़ेगा?
हां, यह परियोजना सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन को सरल बनाएगी।
इस सड़क परियोजना से किन क्षेत्रों को लाभ होगा?
इस परियोजना से इंदौर, उज्जैन, पीथमपुर और देवास के औद्योगिक केंद्रों को लाभ होगा।
कब तक यह परियोजना पूरी होने की उम्मीद है?
इसकी समय सीमा और कार्यान्वयन की जानकारी अभी प्रदान नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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