अंजुम चोपड़ा: वनडे में भारत के लिए शतक जड़ने वाली पहली महिला, दक्षिण अफ्रीका में दिलाई ऐतिहासिक जीत

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अंजुम चोपड़ा: वनडे में भारत के लिए शतक जड़ने वाली पहली महिला, दक्षिण अफ्रीका में दिलाई ऐतिहासिक जीत

सारांश

अंजुम चोपड़ा सिर्फ एक बल्लेबाज़ नहीं थीं — वह भारतीय महिला क्रिकेट की उस पीढ़ी की प्रतीक हैं जिसने बिना संसाधनों के इतिहास रचा। 1999 का वनडे शतक और दक्षिण अफ्रीका में 10 विकेट की जीत — दोनों ऐसे पल हैं जिन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को एक नई दिशा दी।

मुख्य बातें

अंजुम चोपड़ा का जन्म 20 मई 1977 को नई दिल्ली में हुआ।
उन्होंने 1999 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे शतक जड़ा — यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं।
127 वनडे में 2,856 रन ; 12 टेस्ट में 548 रन ; 18 टी20 में 241 रन ।
उनकी कप्तानी में भारत ने दक्षिण अफ्रीका में 10 विकेट से टेस्ट जीता — विदेश में पहली टेस्ट जीत ।
2005 वनडे विश्व कप फाइनल में भारत को पहुँचाने में निभाई अहम भूमिका; कुल 6 विश्व कप खेले।
2007 में अर्जुन पुरस्कार और 2014 में पद्म श्री से सम्मानित।

भारतीय महिला क्रिकेट की礎 आधारशिला मानी जाने वाली अंजुम चोपड़ा ने अपने करियर में बल्ले और कप्तानी — दोनों मोर्चों पर ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए, जो आज भी भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हैं। 1999 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे शतक जड़कर वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं, और उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर विदेश में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की।

क्रिकेट तक का सफर

अंजुम चोपड़ा का जन्म 20 मई 1977 को नई दिल्ली में हुआ। उनका परिवार खेलों से गहरे जुड़ा था — पिता गोल्फ खिलाड़ी थे, माँ कार रैली में जीत दर्ज कर चुकी थीं, और भाई दिल्ली की ओर से अंडर-17 और अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके थे। शुरुआत में अंजुम की रुचि बास्केटबॉल में अधिक थी, लेकिन जब क्रिकेट से नाता जुड़ा तो यह खेल उनकी पहचान बन गया।

अंतरराष्ट्रीय करियर और रिकॉर्ड

अंजुम ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 1995 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ किया। इसके 9 महीने बाद उन्हें वनडे क्रिकेट में उतरने का अवसर मिला और उन्होंने 1999 में इंग्लैंड के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर इतिहास रच दिया — वह वनडे में शतक लगाने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बनीं।

अंजुम ने भारत के लिए कुल 127 वनडे मुकाबले खेले और 2,856 रन बनाए। वह इस फॉर्मेट में 1,000 रनों का आँकड़ा पार करने वाली भी पहली भारतीय महिला क्रिकेटर रहीं। उनके नाम वनडे में 1 शतक और 18 अर्धशतक दर्ज हैं। 12 टेस्ट मुकाबलों में उन्होंने 30.00 की औसत से 548 रन बनाए, जबकि 18 टी20 इंटरनेशनल में उनके बल्ले से 241 रन निकले।

कप्तानी में ऐतिहासिक जीत

बतौर कप्तान अपनी पहली सीरीज़ में अंजुम ने इंग्लैंड के खिलाफ टीम को शानदार जीत दिलाई। इससे भी बड़ी उपलब्धि तब आई जब उनकी अगुआई में भारतीय महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर टेस्ट मैच 10 विकेट से जीता — यह विदेश में भारतीय महिला टीम की पहली टेस्ट जीत थी। यह ऐसे समय में आया जब भारतीय महिला क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था।

विश्व कप और विरासत

अंजुम ने भारत के लिए कुल 6 विश्व कप खेले। 2005 के वनडे विश्व कप में उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई — यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार अध्यायों में से एक है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि तब हासिल हुई जब महिला क्रिकेट को वह सार्वजनिक समर्थन और बुनियादी ढाँचा नहीं मिलता था जो आज उपलब्ध है।

सम्मान और संन्यास

अंजुम ने 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। भारतीय महिला क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए उन्हें 2007 में अर्जुन पुरस्कार और 2014 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। आज भी वह क्रिकेट विश्लेषक और प्रसारक के रूप में सक्रिय हैं, और युवा महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न टेलीविज़न कवरेज — फिर भी उन्होंने ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो आज भी अटूट हैं। यह विडंबना है कि जिस पीढ़ी ने नींव रखी, उसे वह पहचान कभी नहीं मिली जो आज स्मृति चिह्न और ब्रांड एंडोर्समेंट के रूप में मिलती है। अंजुम जैसी खिलाड़ियों के बिना 2017 और 2020 के विश्व कप में भारत की उपस्थिति संभव नहीं होती। उनकी विरासत को सांख्यिकी से नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक बदलाव से मापा जाना चाहिए जो उन्होंने भारत में महिला क्रिकेट की स्वीकार्यता में लाया।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंजुम चोपड़ा ने वनडे में भारत के लिए पहला शतक कब और किसके खिलाफ लगाया?
अंजुम चोपड़ा ने 1999 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे शतक लगाया और यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं। उन्होंने 1995 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था।
अंजुम चोपड़ा की कप्तानी में भारत ने विदेश में पहली जीत कहाँ दर्ज की?
अंजुम चोपड़ा की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर टेस्ट मैच 10 विकेट से जीता, जो विदेश में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली टेस्ट जीत थी।
अंजुम चोपड़ा का अंतरराष्ट्रीय करियर रिकॉर्ड क्या है?
अंजुम ने 127 वनडे में 2,856 रन , 12 टेस्ट में 548 रन (औसत 30.00) और 18 टी20 इंटरनेशनल में 241 रन बनाए। वह वनडे में भारत की ओर से 1,000 रन पार करने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी रहीं।
अंजुम चोपड़ा को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
अंजुम चोपड़ा को 2007 में अर्जुन पुरस्कार और 2014 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया।
अंजुम चोपड़ा ने कितने विश्व कप खेले और उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
अंजुम चोपड़ा ने भारत के लिए कुल 6 विश्व कप खेले। 2005 के वनडे विश्व कप में उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई, जो भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की एक यादगार उपलब्धि मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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