ग्रेटर नोएडा: दहेज उत्पीड़न से परेशान विवाहिता की संदिग्ध मौत, पति और ससुर गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ग्रेटर नोएडा: दहेज उत्पीड़न से परेशान विवाहिता की संदिग्ध मौत, पति और ससुर गिरफ्तार

सारांश

ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गाँव में 14 महीने पहले ब्याही दीपिका की संदिग्ध मौत ने दहेज उत्पीड़न की एक और दर्दनाक दास्तान सामने ला दी। परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं, पुलिस आत्महत्या की जाँच कर रही है — सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गाँव में विवाहिता दीपिका की 18 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
परिजनों का आरोप है कि शादी में ₹1 करोड़ खर्च करने के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज माँग रहा था।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में मामला दहेज उत्पीड़न से तंग आकर छत से कूदने की आत्महत्या का प्रतीत होता है।
परिजनों ने मृतका के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान का हवाला देते हुए हत्या की आशंका जताई है।
पुलिस ने पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया; पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र के जलपुरा गाँव में 18 मई को एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका के परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जाँच में यह मामला दहेज उत्पीड़न से तंग आकर की गई आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतका की पहचान और विवाह की पृष्ठभूमि

मृतका की पहचान दीपिका, पुत्री संजय, निवासी ग्राम कुड़ी खेड़ा, थाना बादलपुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दीपिका की शादी लगभग 14 महीने पहले जलपुरा गाँव निवासी ऋतिक पुत्र मनोज से बड़े धूमधाम से हुई थी। परिवार का दावा है कि विवाह में फॉर्च्यूनर गाड़ी सहित करीब ₹1 करोड़ खर्च किए गए थे।

दहेज उत्पीड़न के आरोप

परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार अतिरिक्त दहेज की माँग की जा रही थी। उनका कहना है कि दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार ने यह भी दावा किया कि मृतका के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिसके आधार पर वे इसे हत्या मान रहे हैं।

पुलिस की प्रारंभिक जाँच

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि दीपिका दहेज उत्पीड़न से परेशान थी और उसने घर की छत से कूदकर जान दे दी। थाना ईकोटेक-3 पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मामले में पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जाँच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। मृतका के परिवार ने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और न्याय की माँग की है। यह मामला उस समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में दहेज उत्पीड़न के मामलों को लेकर सामाजिक चिंता लगातार बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पारदर्शी और पीड़ित परिवार की निगरानी में हो।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गाँव में विवाहिता की मौत कैसे हुई?
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, दीपिका ने दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर घर की छत से कूदकर जान दी। हालाँकि परिजन शरीर पर चोटों के निशान का हवाला देते हुए हत्या का आरोप लगा रहे हैं; पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मृतका दीपिका के पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप क्यों लगाया?
परिजनों का कहना है कि विवाह में फॉर्च्यूनर गाड़ी सहित करीब ₹1 करोड़ खर्च किए गए थे, फिर भी ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज माँगता रहा। उनके अनुसार दीपिका को शादी के बाद से ही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
मामले की आगे की जाँच कैसे होगी?
थाना ईकोटेक-3 पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दहेज उत्पीड़न में भारत में क्या कानूनी प्रावधान हैं?
भारत में दहेज निषेध अधिनियम, 1961 और भारतीय दंड संहिता की धारा 498-A (पति या उसके परिजनों द्वारा क्रूरता) के तहत दहेज उत्पीड़न दंडनीय अपराध है। दहेज के कारण मौत होने पर धारा 304-B के तहत कम से कम 7 वर्ष के कारावास का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले