क्या ग्रेटर नोएडा में निक्की के जेठ की गिरफ्तारी से मिलेगी न्याय?

सारांश
Key Takeaways
- दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है।
- पारिवारिक हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
- जिन्हें न्याय की आवश्यकता है, उन्हें समर्थन मिलना चाहिए।
- समाज में जागरूकता फैलाना जरूरी है।
- ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
ग्रेटर नोएडा, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा में अपने ससुराल में मारपीट और आग लगने के बाद जान गंवाने वाली महिला निक्की के जेठ रोहित भाटी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इस प्रकरण में अब तक यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले, रविवार को पुलिस ने निक्की के पति विपिन भाटी और उसकी सास दया भाटी को हिरासत में लिया था।
घटना उस समय उजागर हुई जब फोर्टिस अस्पताल ने पुलिस को सूचित किया कि एक महिला गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में भर्ती हुई है। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल रेफर किया, लेकिन वह रास्ते में ही दम तोड़ गई।
घटना के बाद निक्की के परिवार के सदस्य थाने पर बड़ी संख्या में पहुंचे और कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने विपिन और दया को गिरफ्तार कर लिया, जबकि रोहित और उसके पिता सतवीर फरार हो गए।
रविवार को पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास में विपिन के पैर में गोली लग गई। अधिकारियों का कहना है कि विपिन ने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस ने गोली चलाई।
विपिन ने आरोप लगाया है कि निक्की की मौत का उसके परिवार से कोई संबंध नहीं है। उसने यह भी कहा कि जब वह और उसका पिता घर पर नहीं थे, तब निक्की ने खुद को आग लगा ली। हालाँकि, निक्की की बहन कंचन ने कहा कि उसने इस घटना का वीडियो बनाया।
निक्की के बेटे ने भी कहा कि उसने अपने पिता और दादी को अपनी माँ को पीटते और फिर आग लगाते देखा। निक्की के परिवार का आरोप है कि उसे जलाने से पहले ज्वलनशील पदार्थ डाला गया था।
इस घटना के कुछ विचलित करने वाले वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें निक्की के पति और सास उसे पीटते हुए नजर आ रहे हैं।
एक अन्य वीडियो में निक्की गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में जमीन पर बेहोश पड़ी नजर आ रही है। पड़ोसी उसे फोर्टिस अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।