वीडी सतीशन केरल के नए मुख्यमंत्री: PM मोदी ने दी बधाई, केंद्र के सहयोग का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने 18 मई 2026 को केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए नवगठित सरकार को केंद्र के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही सीपीआई(एम) के दिग्गज नेता पिनाराई विजयन के एक दशक लंबे शासन का औपचारिक रूप से अंत हो गया।
PM मोदी का एक्स पर संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'केरल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर वीडी सतीशन जी को बधाई। उनके कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं। केंद्र सरकार, नवगठित केरल सरकार को लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में हर संभव सहयोग का आश्वासन देती है।' यह संदेश राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिस्पर्धा के बावजूद केंद्र ने सहयोग का स्पष्ट संकेत दिया।
शपथ ग्रहण समारोह का विवरण
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने वीडी सतीशन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली। मंत्रिमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन, ए.पी. अनिल कुमार और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) प्रमुख सनी जोसेफ शामिल हैं।
गठबंधन के अन्य घटकों का भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) नेता शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस नेता मॉन्स जोसेफ, केरल कांग्रेस (जैकब) नेता अनूप जैकब और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (CMP) नेता सी.पी. जॉन ने भी शपथ ली।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि कांग्रेस इस जीत को राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पुनर्वापसी के प्रतीक के रूप में देख रही है।
ऐतिहासिक जनादेश: UDF की जबरदस्त वापसी
हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया। अकेले कांग्रेस ने 63 सीटें जीतीं, जो केरल में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। गौरतलब है कि दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नेतृत्व में कांग्रेस के आखिरी बार सत्ता में आने के 15 वर्ष बाद UDF सरकार बनाने में सफल रही है।
आगे क्या होगा
नई सरकार के सामने पिनाराई विजयन के एक दशक के कार्यकाल की विरासत को संभालने की चुनौती है। केंद्र-राज्य संबंधों की दिशा अब नए सिरे से तय होगी, और PM मोदी के सहयोग के आश्वासन के बाद विकास परियोजनाओं पर दोनों सरकारों के बीच समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।