वीडी सतीशन सोमवार को लेंगे केरल CM की शपथ, राहुल-प्रियंका समेत 1 लाख लोग होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केरल में वीडी सतीशन सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे — यह 14 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की सत्ता में ऐतिहासिक वापसी है। इससे पहले 2011 में ओमन चांडी आखिरी कांग्रेस मुख्यमंत्री के रूप में पद पर रहे थे। शपथ ग्रहण समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित होगा।
शपथ ग्रहण की तैयारियाँ
सेंट्रल स्टेडियम में समारोह की व्यापक तैयारियाँ जारी हैं। सतीशन के साथ-साथ पूरे मंत्रिमंडल के भी शपथ लेने की संभावना है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का नेतृत्व मंत्रिमंडल की संरचना को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर रहा है, जिसमें प्रत्येक सहयोगी दल से मंत्रियों की संख्या पर विचार-विमर्श हो रहा है।
समारोह में लगभग एक लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है। कांग्रेस इसे अपने शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के इस समारोह में शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, कर्नाटक और तेलंगाना के मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेंगे।
चुनावी जनादेश
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसमें कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीतीं — एक ऐसा जनादेश जो दशकों की राज्य की बारी-बारी से सत्ता बदलने की परंपरा को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने पिछले पाँच वर्षों में सत्ता संभाली थी।
हाईकमान की भूमिका और नेतृत्व चयन
दिल्ली और केरल में करीब दस दिनों की अनिश्चितता और पर्दे के पीछे की बातचीत के बाद कांग्रेस हाईकमान ने सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। निर्णायक दौर गुरुवार सुबह शुरू हुआ, जब केसी वेणुगोपाल को दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर बुलाया गया। कथित तौर पर लगभग तीन घंटे चली चर्चा में राहुल गांधी ने वेणुगोपाल को बताया कि नेतृत्व ने शीर्ष पद के लिए सतीशन का समर्थन करने का फैसला किया है। प्रियंका गांधी वाड्रा भी पार्टी के भीतर आम सहमति सुनिश्चित करने के प्रयासों में शामिल रहीं।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बाद में रमेश चेन्निथला से बात की, जिन्होंने कथित तौर पर इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसी बीच, मुकुल वासनिक, अजय माकन, जयराम रमेश और दीपा दासमुंशी सहित वरिष्ठ नेता खड़गे के आवास पर एकत्र हुए, जहाँ घोषणा को अंतिम रूप दिया गया। वेणुगोपाल ने सार्वजनिक रूप से सतीशन के नाम की घोषणा की, जिसके साथ पार्टी में चल रहा गतिरोध थम गया।
ऐतिहासिक संदर्भ
केरल की राजनीति में यह परिवर्तन महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में परंपरागत रूप से यूडीएफ और वाम मोर्चा हर पाँच वर्ष पर सत्ता बदलते रहे हैं। 2011 के बाद यह पहला मौका है जब कांग्रेस केरल में सरकार बनाने जा रही है। सतीशन राज्य में कांग्रेस के प्रमुख चेहरे रहे हैं और उनके नेतृत्व में यूडीएफ ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
आगे क्या
मंत्रिमंडल का अंतिम स्वरूप सोमवार के शपथ ग्रहण से पहले तय हो जाने की उम्मीद है। नई सरकार पर केरल की विकास प्राथमिकताओं के साथ-साथ गठबंधन सहयोगियों की अपेक्षाओं को संतुलित करने की चुनौती रहेगी।