केरल के नए मुख्यमंत्री का ऐलान 24 घंटे में संभव, कांग्रेस हाई कमान ने तेज किया विचार-विमर्श
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस हाई कमान आठ दिनों के सस्पेंस और अंतहीन अटकलों के बाद अब केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लेने की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। नई दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर हुई अहम बैठक के बाद वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने 12 मई 2026 को पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा एक दिन के भीतर हो जाएगी। 140 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की 102 सीटों की ऐतिहासिक जीत के बावजूद मुख्यमंत्री के नाम पर इतनी लंबी देरी पार्टी के लिए शर्मिंदगी का सबब बनती जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
सोनिया गांधी के आवास पर चल रही बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। सुबह का सत्र समाप्त होने के बाद दोपहर में राहुल गांधी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीएम सुधीरन से मुलाकात करने वाले हैं। इसके अलावा, शीर्ष सूत्रों के अनुसार, अंतिम घोषणा से पहले राहुल गांधी सहयोगी दलों के नेताओं और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी से भी बात करेंगे।
तीन दावेदार, एक कुर्सी
मुख्यमंत्री पद की इस दौड़ में तीन वरिष्ठ नेता — केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्नीथला — केंद्र में हैं। जैसे-जैसे विचार-विमर्श का अंतिम दौर आगे बढ़ रहा है, वेणुगोपाल की स्थिति लगातार मजबूत बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें कांग्रेस के 50 से अधिक विधायकों का समर्थन हासिल है और माना जाता है कि उन्हें राहुल गांधी तथा केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा प्राप्त है।
दूसरी ओर, वीडी सतीशन पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के एक तबके में भावनात्मक रूप से अधिक लोकप्रिय हैं। पिछली पी. विजयन सरकार के खिलाफ विपक्ष के नेता के रूप में उनके आक्रामक रवैये ने उन्हें जमीनी स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है। यही हाई कमान की दुविधा की असली वजह है — आँकड़े एक तरफ हैं, भावनात्मक जुड़ाव दूसरी तरफ।
गठबंधन सहयोगियों की बेचैनी
यूडीएफ की शानदार जीत पर यह अनिश्चितता की छाया अब केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि इस देरी ने गठबंधन की जबरदस्त जीत पर एक साया डाल दिया है। गठबंधन के सहयोगी दलों ने भी अपनी बेचैनी जाहिर करनी शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आज दिल्ली लौट रहे हैं। यह देरी ऐसे समय में आई है जब विजयी गठबंधन को जल्द से जल्द सरकार बनाकर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है।
आम जनता पर असर
केरल में 102 सीटों की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य की जनता नई सरकार के गठन और उसके वादों के क्रियान्वयन का इंतजार कर रही है। मुख्यमंत्री के नाम पर जारी अनिश्चितता ने नई सरकार की शुरुआत को धीमा कर दिया है, जिससे प्रशासनिक प्राथमिकताएँ तय करने में भी देरी हो रही है।
क्या होगा आगे
के. मुरलीधरन के बयान के बाद यह माना जा रहा है कि 13 मई 2026 तक मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा हो सकती है। राहुल गांधी की वीएम सुधीरन और सहयोगी दलों से मुलाकात के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केरल की राजनीति में यह फैसला न केवल राज्य, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस की आंतरिक लोकतंत्र और निर्णय क्षमता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।