केरल चुनाव परिणामों से पहले यूडीएफ में मुख्यमंत्री पद पर बहस बढ़ी, हाईकमान की नाराजगी
सारांश
मुख्य बातें
तिरुवनंतपुरम, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनाव के परिणामों से पहले ही कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर बहस तेज हो गई है। १४० सदस्यीय विधानसभा के लिए ९ अप्रैल को मतदान संपन्न हो चुका है और ४ मई को परिणाम जारी होने वाले हैं, लेकिन उससे पहले ही संभावित जीत से उत्साहित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) में सीएम पद को लेकर चर्चा स्पष्ट रूप से सामने आ गई है।
जो चर्चाएँ पहले पार्टी के अंदर सीमित थीं, अब वे सार्वजनिक मंचों पर भी पहुंच गई हैं। सोशल मीडिया पर विभिन्न नेताओं के समर्थन में अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं टीवी चैनलों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। कांग्रेस कार्यकर्ता भी अपने पसंदीदा नेताओं के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं और विभिन्न गुटों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
इस बहस के केंद्र में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला जैसे प्रमुख नाम हैं। हर नेता के पीछे पार्टी के अलग-अलग गुट नजर आ रहे हैं।
केसी वेणुगोपाल के समर्थक उनके राहुल गांधी के साथ करीबी संबंध और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताकर उन्हें एक ऐसा नेता मानते हैं जो सभी को साथ लेकर चल सकते हैं।
वहीं, वीडी सतीशन को युवा और आक्रामक नेतृत्व के चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। उनके समर्थकों का मानना है कि उन्होंने वाम सरकार के खिलाफ यूडीएफ के अभियान में नई ऊर्जा भरी है।
दूसरी ओर, रमेश चेन्निथला का गुट उनके अनुभव और वरिष्ठता को आधार बनाकर उन्हें स्वाभाविक दावेदार मानता है, यदि पार्टी सत्ता में लौटती है।
हालांकि, इस खुली खींचतान ने पार्टी के भीतर चिंता भी बढ़ा दी है। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने जानबूझकर किसी मुख्यमंत्री चेहरे को प्रस्तुत नहीं किया था और कहा था कि यह निर्णय हाईकमान द्वारा लिया जाएगा, लेकिन मतदान समाप्त होते ही यह संतुलन टूटता नजर आ रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में पार्टी नेतृत्व इस तरह के सार्वजनिक मतभेदों से नाखुश है। हाईकमान ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय निश्चित प्रक्रिया के तहत ही होगा, न कि सोशल मीडिया अभियानों या सार्वजनिक बयानों के आधार पर।
पार्टी के भीतर यह भी आशंका जताई जा रही है कि यह आंतरिक संघर्ष मतदाताओं में गलत संदेश पहुंचा सकता है और चुनाव के दौरान दिखाई गई एकता की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।
इस बीच, वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि यूडीएफ को वोट देने वालों के साथ यह उचित नहीं है कि इस तरह की अनावश्यक बहस हो। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि मुख्यमंत्री चयन की एक तय प्रक्रिया है, जो समय आने पर अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर चल रही कई गतिविधियाँ फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से हो रही हैं।