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केरल में यूडीएफ के पक्ष में बढ़ रहा है जनसमर्थन, एलडीएफ को मिल सकती है बड़ी हार: केसी वेणुगोपाल

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केरल में यूडीएफ के पक्ष में बढ़ रहा है जनसमर्थन, एलडीएफ को मिल सकती है बड़ी हार: केसी वेणुगोपाल

सारांश

तिरुवनंतपुरम में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि केरल में यूडीएफ के पक्ष में एक मजबूत लहर चल रही है। उन्होंने सत्ताधारी एलडीएफ को नकारने की जनता की भावना पर जोर दिया है।

मुख्य बातें

यूडीएफ के पक्ष में जनसमर्थन बढ़ रहा है।
एलडीएफ को नकारने की भावना मजबूत हो गई है।
सीपीआई-एम और भाजपा का संबंध राजनीतिक समझौते का हिस्सा है।
यूडीएफ का घोषणापत्र 'बदलते केरल' पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की आलोचना हो रही है।

तिरुवनंतपुरम, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को यह दावा किया कि विधानसभा चुनावों से पूर्व केरल में यूडीएफ के पक्ष में एक मजबूत लहर उभर रही है और जनसामान्य ने सत्ताधारी एलडीएफ को नकारने का मन बना लिया है।

मीडिया के समक्ष वेणुगोपाल ने कहा कि लोगों की भावना अब स्पष्ट रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के खिलाफ हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार के "जोरदार जनसंपर्क अभियान" सरकार की छवि को बचाने में सफल नहीं होंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच का संबंध नया नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) को कमजोर करने के लिए एक निरंतर राजनीतिक गठबंधन है।

वेणुगोपाल ने कहा, "केंद्र सरकार की पीएम श्री जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों पर उनकी चुप्पी सहित कई उदाहरणों में सीपीआई (एम)-भाजपा का गठजोड़ स्पष्ट दिखाई देता है।"

उन्होंने आगे कहा कि सीपीआई-एम की उम्मीदवार सूची पर एक नजर डालने से भी दोनों पार्टियों के बीच एक मौन सहमति के संकेत मिलते हैं, जो यूडीएफ को कमजोर करने के लिए बनाई गई थी।

उनके अनुसार, भाजपा और सीपीआई-एम का यह समझौता मुख्य रूप से जनहित की सेवा करने के बजाय पार्टी नेतृत्व को बचाने की दिशा में है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी कार्यकर्ता और मतदाता इस तरह की व्यवस्था को अंततः अस्वीकार कर देंगे।

वेणुगोपाल ने कहा कि यूडीएफ के चुनावी घोषणापत्र में "बदलते केरल" के लिए एक रोडमैप स्पष्ट रूप से उल्लिखित है, जिसमें राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार विस्तृत नीतिगत उपाय और विकास कार्यक्रम शामिल हैं।

उन्होंने सीपीआई-एम पर यूडीएफ के प्रमुख वादों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया, जिसमें केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा लाभ की सुविधा प्रदान करने का प्रस्ताव भी शामिल था। उनका कहना था कि इस योजना से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) वित्तीय संकट में नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा, "यात्रियों की संख्या में वृद्धि से वास्तव में राजस्व में सुधार होगा।" किसी भी संभावित कमी की भरपाई सरकार द्वारा सुनियोजित वित्तीय तंत्रों के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसी तरह के मॉडल अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं।

वेणुगोपाल ने दावा किया कि यूडीएफ 100 से अधिक सीटें प्राप्त करेगा और केरल में अगली सरकार बनाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सार्वजनिक टिप्पणियों की भी आलोचना की और उन पर राजनीतिक विरोधियों और समुदायिक नेताओं के खिलाफ अनुचित भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "केरल की जनता बदलाव चाहती है और यूडीएफ एक स्थिर, समावेशी और विकासोन्मुखी सरकार देने के लिए तैयार है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि गठबंधन की राजनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूडीएफ और एलडीएफ में क्या अंतर है?
यूडीएफ कांग्रेस के नेतृत्व वाला एक राजनीतिक मोर्चा है, जबकि एलडीएफ वामपंथी दलों का एक गठबंधन है।
केसी वेणुगोपाल कौन हैं?
केसी वेणुगोपाल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संगठन महासचिव हैं।
केरल में चुनाव कब होंगे?
केरल में अगला विधानसभा चुनाव 2026 में होगा।
यूडीएफ के प्रमुख वादे क्या हैं?
यूडीएफ का घोषणापत्र 'बदलते केरल' के लिए नीतिगत उपायों और विकास कार्यक्रमों को शामिल करता है।
सीपीआई-एम और भाजपा का गठबंधन क्यों महत्वपूर्ण है?
यह गठबंधन यूडीएफ को कमजोर करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिसे राजनीतिक समीक्षकों द्वारा गंभीरता से देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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