केरल चुनाव परिणाम: UDF की 102 सीटें, KC वेणुगोपाल बोले — 'यह मतदाताओं के बदलते मिजाज का फैसला'
सारांश
केरल में UDF की 102 सीटों की बड़ी जीत ने LDF सरकार को करारा झटका दिया है। KC वेणुगोपाल के अनुसार यह सिर्फ चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि जवाबदेही की माँग करते मतदाताओं का स्पष्ट संदेश है — जो कन्नूर जैसे पारंपरिक वामपंथी गढ़ों तक पहुँच गया।
मुख्य बातें
UDF 102 सीटों पर आगे, LDF केवल 36 सीटों पर सिमटी।
BJP ने नीमोम सहित 2 सीटें जीतीं।
KC वेणुगोपाल ने नतीजों को CPI-M नेतृत्व के अहंकार पर करारा प्रहार बताया।
पय्यानूर और तालिपारम्बा जैसे पारंपरिक वामपंथी गढ़ों में भी बदलाव के संकेत।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन शुरुआती मतगणना में पिछड़े, बाद में वापसी की।
कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने 4 मई को तिरुवनंतपुरम में केरल विधानसभा चुनाव परिणामों को जनभावना में निर्णायक बदलाव का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि ये नतीजे केरल भर में परिवर्तन समर्थक लहर के विपक्ष के आकलन को पूरी तरह सही साबित करते हैं।
चुनाव परिणामों का ब्यौरा
मतगणना के रुझानों के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) 102 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अगुआई में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) केवल 36 सीटों पर सिमट गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नीमोम सहित दो सीटें जीती हैं।
वेणुगोपाल का आकलन: 'एग्जिट पोल गलत साबित हुए'
वेणुगोपाल ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस इस जनादेश को ठोस शासन में बदल पाएगी। दिसंबर के स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद LDF का आक्रामक प्रचार अभियान बेअसर रहा — यह दर्शाता है कि केरल के मतदाता अब छवि-प्रबंधन से नहीं, नतीजों से प्रभावित होते हैं। पय्यानूर और तालिपारम्बा जैसे पारंपरिक गढ़ों में बदलाव CPI-M के संगठनात्मक ढाँचे में गहरी दरारों का संकेत है। UDF के लिए यह जीत उतनी ही बड़ी ज़िम्मेदारी है जितनी उपलब्धि।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल चुनाव 2025 में UDF को कितनी सीटें मिलीं?
मतगणना के रुझानों के अनुसार कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF 102 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि LDF 36 सीटों पर सिमट गई है। BJP ने नीमोम सहित 2 सीटें जीती हैं।
KC वेणुगोपाल ने केरल चुनाव नतीजों पर क्या कहा?
KC वेणुगोपाल ने नतीजों को मतदाताओं के बदलते मिजाज का प्रतिबिंब बताया और कहा कि यह CPI-M नेतृत्व के अहंकार पर करारा प्रहार है। उन्होंने यह भी कहा कि एग्जिट पोल के विपरीत संकेतों के बावजूद विपक्ष को 100 से अधिक सीटों का भरोसा था।
पिनाराई विजयन की LDF सरकार को इस चुनाव में क्यों हार का सामना करना पड़ा?
वेणुगोपाल के अनुसार, दिसंबर के स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद भारी खर्च से चलाया गया प्रचार अभियान भी मतदाताओं को आश्वस्त नहीं कर पाया। मतदाताओं ने जवाबदेही और उत्तरदायी शासन की माँग करते हुए सत्ता परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया।
कन्नूर के पारंपरिक वामपंथी गढ़ों में क्या बदलाव आया?
पय्यानूर और तालिपारम्बा जैसे निर्वाचन क्षेत्रों में, जो लंबे समय से CPI-M के गढ़ माने जाते थे, इस बार बदलाव के स्पष्ट संकेत मिले। वेणुगोपाल ने इन्हें व्यापक बदलाव का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का अपनी सीट पर क्या हाल रहा?
वेणुगोपाल के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन मतगणना के शुरुआती दौर में पिछड़ रहे थे, हालाँकि बाद में उन्होंने वापसी की। वेणुगोपाल ने इस जीत को 'तकनीकी' बताया।