केरल विधानसभा मतगणना 2026: LDF, UDF और BJP के लिए आज तय होगा भविष्य

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केरल विधानसभा मतगणना 2026: LDF, UDF और BJP के लिए आज तय होगा भविष्य

केरल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना 2 मई को सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जब तिरुवनंतपुरम समेत राज्य के सभी जिलों में वोटों की गिनती आरंभ होगी। सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF), कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) — तीनों के लिए यह मतगणना ऐतिहासिक महत्व रखती है। दोपहर तक केरल के सबसे अहम राजनीतिक सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद है।

मतगणना की प्रक्रिया और समयक्रम

मतगणना की शुरुआत सुबह 8 बजे पोस्टल और सर्विस वोटों की गिनती से होगी। इसके बाद सुबह 8:30 बजे तक ईवीएम में दर्ज वोटों की गिनती भी शुरू हो जाएगी, जिससे शुरुआती रुझान सामने आने लगेंगे। ये शुरुआती रुझान पूरे दिन की राजनीतिक तस्वीर का संकेत दे सकते हैं।

LDF के लिए ऐतिहासिक दांव

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में LDF के लिए यह चुनाव एक असाधारण परीक्षा है। केरल में दशकों से चला आ रहा चुनावी पैटर्न यह रहा है कि सत्ताधारी दल हर पाँच साल में बदलता है। यदि LDF लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करता है, तो यह इस लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक चक्र को तोड़ने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। गौरतलब है कि 2016 और 2021 में भी LDF ने जीत हासिल की थी।

UDF की वापसी की उम्मीद

कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के लिए यह मतगणना सत्ता में संभावित वापसी का अवसर मानी जा रही है। UDF के नेताओं का मानना है कि मतदाताओं की सोच में आए बदलाव उनके पक्ष में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता-विरोधी लहर की चर्चा लगातार होती रही है।

BJP का लक्ष्य: खोई सीट वापस पाना

भारतीय जनता पार्टी के लिए इस चुनाव का लक्ष्य सीमित लेकिन महत्वपूर्ण है। 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने अपनी एकमात्र सीट गंवा दी थी। इस बार BJP न केवल अपना खाता खोलने की कोशिश में है, बल्कि यदि उसे पर्याप्त समर्थन मिलता है तो वह अपने प्रभाव को और विस्तार देने की भी उम्मीद रखती है। पार्टी के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

चेंगन्नूर सीट और 'मनमोहन बंगला' का रहस्य

राज्य के मत्स्य मंत्री साजी चेरियन चेंगन्नूर सीट से अपनी जीत को लेकर आत्मविश्वास से भरे नजर आए। हालाँकि, उनके सरकारी आवास 'मनमोहन बंगला' को लेकर एक प्रचलित मान्यता है कि जो भी इसमें रहता है, वह या तो अपना मंत्री पद का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता या दोबारा चुनाव हार जाता है। यदि चेरियन इस बार जीत हासिल करते हैं, तो वे इस लोकप्रिय धारणा को तोड़ देंगे। शनिवार की सुबह अपनी रोज़ाना की कॉफी के दौरान जब वे जान-पहचान वालों से मिले, तो उन्होंने बार-बार एक ही सवाल पूछा —

Nation Press