केरल चुनाव 2025: नतीजों से 6 दिन पहले यूडीएफ आश्वस्त, एलडीएफ खेमे में सतर्कता

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केरल चुनाव 2025: नतीजों से 6 दिन पहले यूडीएफ आश्वस्त, एलडीएफ खेमे में सतर्कता

सारांश

केरल में 4 मई के नतीजों से पहले सियासी माहौल गरम है — यूडीएफ 100 सीटों तक का दावा कर रहा है, जबकि एलडीएफ की चुप्पी अटकलें बढ़ा रही है। लेफ्ट अगर जीता तो यह केरल इतिहास में पहली बार तीसरी लगातार जीत होगी। एग्जिट पोल बुधवार शाम पहली तस्वीर देंगे।

Key Takeaways

  • केरल विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे 4 मई को घोषित होंगे; 9 अप्रैल को 140 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ।
  • यूडीएफ समर्थक 100 सीटों तक का दावा कर रहे हैं, जबकि एलडीएफ खेमे में सतर्क चुप्पी है।
  • पूर्व आईएएस अधिकारी एन.एस. माधवन ने एलडीएफ को 75, यूडीएफ को 65 और एनडीए को 0 सीटें मिलने का अनुमान दिया।
  • एनडीए त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में निर्णायक भूमिका की उम्मीद लगाए है; 2021 में उसने अपनी एकमात्र सीट गंवाई थी।
  • यूडीएफ में वी.डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला और के.सी. वेणुगोपाल के समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद की अंदरूनी होड़।
  • एग्जिट पोल बुधवार शाम जारी होने की उम्मीद।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच केरल विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में अब केवल 6 दिन शेष हैं, और तिरुवनंतपुरम सहित पूरे राज्य में सियासी गतिविधियाँ अपने चरम पर पहुँच गई हैं। 140 सदस्यीय केरल विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान संपन्न हो चुका है और अंतिम नतीजे 4 मई को घोषित होने हैं।

चुनावी मुकाबले की तस्वीर

इस बार का मुकाबला मुख्यत: एलडीएफ और यूडीएफ के बीच माना जा रहा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), जो 2021 में अपनी एकमात्र सीट भी गंवा चुका था, इस बार त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद लगाए बैठा है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बढ़त नहीं दिखाई गई है, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।

यूडीएफ खेमे में उत्साह, एलडीएफ में चुप्पी

यूडीएफ खेमे में सत्ता में वापसी को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी नेता और समर्थक खुलकर जीत का दावा कर रहे हैं और कुछ तो गठबंधन को बहुमत के आँकड़े 71 से काफी आगे, यहाँ तक कि 100 सीटों तक पहुँचने का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर, पिनराई विजयन का खेमा अपेक्षाकृत चुप्पी साधे हुए है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं। लेफ्ट समर्थक तीसरी बार लगातार सत्ता में वापसी का दावा कर रहे हैं — जो केरल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार होगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

प्रख्यात लेखक और पूर्व आईएएस अधिकारी एन.एस. माधवन ने अपेक्षाकृत संतुलित अनुमान पेश किया है। उनके अनुसार, एलडीएफ को 75 सीटें, यूडीएफ को 65 सीटें और एनडीए को शून्य सीट मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया भी इस बार राजनीतिक भविष्यवाणियों का बड़ा मंच बन गया है, जहाँ दोनों खेमों के समर्थक परस्पर विरोधी दावे कर रहे हैं।

यूडीएफ में मुख्यमंत्री पद की अंदरूनी होड़

यूडीएफ खेमे में नतीजों से पहले ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी हलचल तेज हो गई है। वी.डी. सतीशन के समर्थकों के अलावा, रमेश चेन्निथला और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के समर्थक भी दावेदारी को लेकर सक्रिय हो गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी में नेतृत्व को लेकर कुछ असहजता जरूर है, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच जीत का भरोसा मजबूत बताया जा रहा है।

आगे क्या होगा

सभी की नजरें अब बुधवार शाम आने वाले एग्जिट पोल पर टिकी हैं, जो पश्चिम बंगाल और असम में मतदान समाप्त होने के बाद जारी होंगे। ये एग्जिट पोल मतदाताओं के रुझान की पहली झलक देंगे। केरल के अंतिम नतीजे 4 मई 2025 को घोषित किए जाएंगे, जो तय करेंगे कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी।

Point of View

बल्कि परिपक्व राजनीतिक अनुशासन भी हो सकती है — विजयन ने हमेशा बयानबाजी से परहेज किया है। वहीं, एनडीए की किंगमेकर की भूमिका की उम्मीद तब तक कागजी है जब तक वह खाता भी न खोल पाए।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

केरल विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे कब आएंगे?
केरल विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे 4 मई 2025 को घोषित किए जाएंगे। 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को संपन्न हो चुका है।
केरल में एग्जिट पोल कब जारी होंगे?
एग्जिट पोल बुधवार शाम जारी होने की उम्मीद है, जो पश्चिम बंगाल और असम में मतदान समाप्त होने के बाद प्रकाशित किए जाएंगे। ये पोल मतदाताओं के रुझान की पहली झलक देंगे।
केरल में यूडीएफ और एलडीएफ में से कौन आगे है?
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में किसी को स्पष्ट बढ़त नहीं मिली है। यूडीएफ समर्थक 100 सीटों तक का दावा कर रहे हैं, जबकि पूर्व आईएएस अधिकारी एन.एस. माधवन ने एलडीएफ को 75 और यूडीएफ को 65 सीटें मिलने का अनुमान दिया है।
केरल में एनडीए की क्या स्थिति है?
भाजपा नीत एनडीए 2021 में अपनी एकमात्र सीट भी गंवा चुका था। इस बार वह त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद लगाए है, हालाँकि अधिकांश अनुमानों में उसे शून्य सीट दी जा रही है।
यूडीएफ में मुख्यमंत्री पद के लिए कौन-कौन दावेदार हैं?
यूडीएफ में वी.डी. सतीशन के अलावा रमेश चेन्निथला और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के समर्थक भी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं। नतीजों से पहले ही यह अंदरूनी हलचल पार्टी में कुछ असहजता पैदा कर रही है।
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