अहमदाबाद के सताधार फोर-लेन फ्लाईओवर से डेढ़ लाख यात्रियों को रोज़ राहत, ₹90 करोड़ की लागत
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 29 मार्च को सताधार फोर-लेन फ्लाईओवर ब्रिज का उद्घाटन किया।
- पुल की लागत ₹90 करोड़, लंबाई 936 मीटर और चौड़ाई 16.60 मीटर है।
- प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख यात्री इस मार्ग से गुज़रते हैं।
- परियोजना 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' के अंतर्गत वित्तपोषित।
- घाटलोडिया, सोला, पावापुरी, थलतेज और चाणक्यपुरी के निवासियों को सीधा लाभ।
अहमदाबाद के घाटलोडिया स्थित सताधार जंक्शन पर नवनिर्मित फोर-लेन फ्लाईओवर ब्रिज के शुरू होने से शहर के पश्चिमी इलाके में प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख यात्रियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिली है। ₹90 करोड़ की लागत से निर्मित इस 936 मीटर लंबे पुल का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 29 मार्च को किया था।
मुख्य घटनाक्रम
नारनपुरा से साइंस सिटी जाने वाले इस व्यस्ततम मार्ग पर बने फ्लाईओवर की चौड़ाई 16.60 मीटर है। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने रिकॉर्ड समय में इस पुल का निर्माण पूरा किया। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' के अंतर्गत अनुदान आवंटित किया था।
आम जनता पर असर
स्थानीय निवासी विशाल उपाध्याय ने कहा कि इस फ्लाईओवर से बहुत लाभ हो रहा है और समय की भी बचत हो रही है। किरीटभाई बारोट ने इसे स्थानीय लोगों के लिए आशीर्वाद बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। हार्दिक शाह ने कहा कि सरकार ने बहुत अच्छा कार्य किया है, जाम की समस्या से छुटकारा मिला है और समय की काफी बचत हो रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब अहमदाबाद में तेज़ी से बढ़ती वाहन संख्या के चलते शहरी यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। घाटलोडिया, सोला, पावापुरी, थलतेज और चाणक्यपुरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के निवासियों को इस पुल से सीधा लाभ मिल रहा है।
योजना की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण का सुझाव स्वयं मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दिया था। राज्य सरकार ने 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' के तहत इस परियोजना को वित्तीय मंजूरी दी। AMC ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण पूरा कर इसे शहरी विकास की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में पेश किया।
क्या होगा आगे
सताधार फ्लाईओवर को अहमदाबाद की समग्र ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। शहर में इसी तरह की अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की माँग भी बढ़ रही है, और AMC के अधिकारियों के अनुसार आगामी समय में और ऐसे पुलों की योजना पर विचार किया जा रहा है।