केरल चुनाव 2026: शुरुआती रुझानों में CM पिनराई विजयन पीछे, UDF 93 सीटों पर आगे
सारांश
मुख्य बातें
केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना में 4 मई 2026 को शुरुआती रुझानों ने सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के लिए चुनौतीपूर्ण तस्वीर पेश की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन अपनी परंपरागत सीट धर्मडम से पीछे चल रहे हैं, जबकि कांग्रेस-नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) 93 सीटों पर स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। तिरुवनंतपुरम से प्राप्त रुझानों के अनुसार, यह केरल में सत्ता परिवर्तन का संकेत देता है।
मुख्य चुनावी रुझान
ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक, UDF 93 सीटों पर आगे है, जबकि LDF केवल 42 सीटों पर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पाँच सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री विजयन ने धर्मडम सीट से 50,000 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार वे पीछे चल रहे हैं।
LDF के लिए कठिन चुनौती
रुझानों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजयन सहित 14 मंत्री अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं। LDF लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरा था, लेकिन कई मौजूदा सीटों पर उसे कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। LDF राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन समेत पार्टी नेताओं ने मतगणना से पहले आत्मविश्वास जताया था, किंतु उभरते रुझान उनकी उम्मीदों से कहीं अधिक कड़ी टक्कर का संकेत दे रहे हैं।
UDF खेमे में उत्साह
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ, जो स्वयं भी अपने गृह क्षेत्र से चुनावी मुकाबले में हैं, ने कहा कि यह एक स्पष्ट रुझान है और उन्हें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।
UDF का चुनाव अभियान सत्ता विरोधी लहर, बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार के आरोपों और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर केंद्रित था, जो मतदाताओं को प्रभावित करता दिख रहा है। सुबह से ही UDF पार्टी कार्यालयों में जश्न की तैयारियाँ शुरू हो गई थीं, जो अब आँकड़ों के स्पष्ट होने के साथ समयोचित लगने लगी हैं।
NDA की स्थिति
BJP नेतृत्व वाला NDA सीट संख्या के मामले में अभी सीमित है, लेकिन वह धीरे-धीरे अपनी स्थिति मज़बूत करने और वोट शेयर बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP केरल में अपनी पैठ बनाने के लिए वर्षों से प्रयास कर रही है।
आगे क्या होगा
सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना जारी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या UDF अपनी शुरुआती बढ़त को निर्णायक जनादेश में बदल पाएगा, और क्या मुख्यमंत्री विजयन अपनी व्यक्तिगत सीट बचा पाएँगे। यदि रुझान अंतिम परिणामों में तब्दील होते हैं, तो केरल में LDF का पाँच वर्षीय शासन समाप्त हो जाएगा।