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केरल चुनाव हार के बाद पिनराई विजयन बोले: 'यह अंत नहीं, नई शुरुआत है', एलडीएफ करेगा मजबूत विपक्ष की भूमिका

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केरल चुनाव हार के बाद पिनराई विजयन बोले: 'यह अंत नहीं, नई शुरुआत है', एलडीएफ करेगा मजबूत विपक्ष की भूमिका

सारांश

केरल में एलडीएफ की अप्रत्याशित हार के बाद पिनराई विजयन ने पहली बार मुँह खोला — न माफ़ी, न निराशा, बल्कि एक संकल्प। 'यह अंत नहीं' कहकर उन्होंने विपक्ष की नई भूमिका का ऐलान किया और मीडिया व दुष्प्रचार पर निशाना साधा। भाजपा की तीन सीटें उनकी सबसे बड़ी चिंता बनीं।

मुख्य बातें

पिनराई विजयन ने 7 मई को केरल चुनाव हार के बाद पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी।
एलडीएफ ने यूडीएफ को जीत की बधाई दी और मजबूत, जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
विजयन ने भाजपा का तीन सीटें जीतना गंभीर बताया और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही।
उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों पर झूठे प्रचार का आरोप लगाया और उनकी भूमिका की जाँच की माँग की।
एलडीएफ चुनाव परिणामों की गहन समीक्षा करेगा और जनता व कार्यकर्ताओं की राय लेकर आगे बढ़ेगा।

तिरुवनंतपुरम, 7 मई — केरल विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को मिली अप्रत्याशित हार के बाद पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जनता के जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हुए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को जीत की बधाई दी और स्पष्ट किया कि यह परिणाम एलडीएफ के लिए अंत नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत है। विजयन ने भरोसा दिलाया कि पार्टी जनता का विश्वास दोबारा जीतने के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूती से काम करेगी।

अप्रत्याशित परिणाम और जनसमर्थन पर विजयन का आकलन

विजयन ने स्वीकार किया कि विधानसभा चुनाव के नतीजे एलडीएफ के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित रहे। उन्होंने कहा कि तमाम

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे वे आत्म-समीक्षा से बच नहीं सकते। भाजपा की तीन सीटें केरल की धर्मनिरपेक्ष राजनीति के लिए सचमुच एक संकेत हैं — लेकिन इसके लिए एलडीएफ और यूडीएफ दोनों को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिनराई विजयन ने केरल चुनाव हार के बाद क्या कहा?
पिनराई विजयन ने 7 मई को हार के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए यूडीएफ को जीत की बधाई दी और कहा कि यह जनादेश एलडीएफ के लिए अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
केरल चुनाव में एलडीएफ की हार क्यों अप्रत्याशित थी?
एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रहा था, जो केरल के राजनीतिक इतिहास में एक असाधारण उपलब्धि होती। विजयन के अनुसार, 'विरोधी अभियानों, हमलों और दुष्प्रचार' ने चुनावी माहौल को प्रभावित किया।
विजयन ने भाजपा की तीन सीटों पर चिंता क्यों जताई?
विजयन ने कहा कि केरल में भाजपा का तीन सीटें जीतना गंभीर मामला है, क्योंकि यह राज्य की धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक परंपरा के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ लड़ाई बिना किसी समझौते के जारी रहेगी।
एलडीएफ अब विपक्ष में क्या करेगा?
विजयन के अनुसार एलडीएफ ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, रोजगार, सामाजिक न्याय, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर नई सरकार पर लोकतांत्रिक दबाव बनाएगा। जनहित के कदमों का समर्थन और जनविरोधी फैसलों का कड़ा विरोध किया जाएगा।
विजयन ने मीडिया पर क्या आरोप लगाए?
विजयन ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर झूठा प्रचार किया गया और कुछ मीडिया संस्थानों की भूमिका की गंभीर जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 'आधे सच, बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई बातें और असत्य प्रचार लोकतंत्र के लिए अच्छे नहीं हैं।'
राष्ट्र प्रेस
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