केरल चुनाव परिणाम: यूडीएफ 99 सीटों पर आगे, CM पिनाराई विजयन धर्मदम से पीछे; एलडीएफ के 15 मंत्री भी पिछड़े

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केरल चुनाव परिणाम: यूडीएफ 99 सीटों पर आगे, CM पिनाराई विजयन धर्मदम से पीछे; एलडीएफ के 15 मंत्री भी पिछड़े

सारांश

केरल में सत्ता पलटने के स्पष्ट संकेत — यूडीएफ 99 सीटों पर आगे, खुद CM विजयन अपनी सीट से पीछे और एलडीएफ के 15 मंत्री संकट में। जो गठबंधन पाँच साल पहले 98 सीटें जीता था, वह आज 40 पर सिमटता दिख रहा है।

मुख्य बातें

यूडीएफ ताज़ा रुझानों में 99 सीटों पर आगे, बहुमत के आँकड़े 71 से कहीं अधिक।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी परंपरागत सीट धर्मदम से तीसरे राउंड के बाद पीछे।
एलडीएफ के 21 में से 15 मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ रहे हैं।
विपक्ष के नेता वीडी सतीशन शुरुआती पिछड़ने के बाद अब आगे निकले।
पिछले चुनाव में एलडीएफ को 98 सीटें मिली थीं; इस बार 40 पर सिमटने का अनुमान।
एनडीए 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए; यूडीएफ के 100 सीटें पार करने की संभावना।

केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना में 4 मई को आ रहे रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर दिखाया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) 99 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) महज 40 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए, और यूडीएफ इस आँकड़े से कहीं आगे है।

मुख्यमंत्री विजयन और मंत्रिमंडल की स्थिति

मतगणना के तीसरे राउंड के अंत तक स्वयं मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी परंपरागत सीट धर्मदम से पीछे चल रहे हैं। यह एलडीएफ के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके अलावा, एलडीएफ के 21 में से 15 मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ रहे हैं, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए गहरे संकट का संकेत है।

विपक्षी नेता सतीशन की वापसी

विपक्ष के नेता वीडी सतीशन, जो शुरुआती राउंड में पीछे थे, बाद के राउंड में आगे निकल गए हैं। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि शुरुआती रुझान कितने अस्थिर हो सकते हैं, और आने वाले राउंड में तस्वीर और बदल सकती है। गौरतलब है कि कई सीटों पर एलडीएफ की बढ़त बेहद कम अंतर की है, जिससे अंतिम परिणाम में हेरफेर की संभावना बनी हुई है।

पिछले चुनाव से तुलना

पिछले केरल विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने 98 सीटें जीती थीं और सत्ता में दबदबे के साथ वापसी की थी। यूडीएफ विपक्ष में था, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को एक भी सीट नहीं मिली थी। इस बार रुझान पूरी तरह उलट हैं — एनडीए एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है, जो उसके लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।

एलडीएफ के गढ़ में भी कड़ा मुकाबला

पार्टी का परंपरागत गढ़ माने जाने वाले कन्नूर जिले में भी मुकाबला कड़ा होता दिख रहा है, हालाँकि कुछ सीटों पर एलडीएफ अब भी बढ़त बनाए हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब एलडीएफ के लिए यह क्षेत्र हमेशा सुरक्षित माना जाता था। यदि यही रुझान जारी रहा, तो यूडीएफ 100 सीटों का आँकड़ा भी पार कर सकता है, जो केरल की राजनीतिक इतिहास में एक उल्लेखनीय जीत होगी।

आगे क्या होगा

कड़ी सुरक्षा के बीच जारी मतगणना के रुझान स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि मतदाताओं ने इस बार बदलाव को प्राथमिकता दी है। यूडीएफ की संभावित बड़ी जीत केरल में कांग्रेस-नीत गठबंधन की सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त कर सकती है और राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वाम मोर्चे के लिए एक गंभीर वैचारिक संकट। एलडीएफ ने 2021 में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, लेकिन पाँच साल में इतनी बड़ी पराजय यह सवाल उठाती है कि क्या शासन की उपलब्धियाँ मतदाताओं तक पहुँच पाईं। विजयन का खुद अपनी सीट से पीछे होना प्रतीकात्मक से कहीं अधिक है — यह नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सीधा प्रश्नचिह्न है। राष्ट्रीय स्तर पर, यह परिणाम कांग्रेस को 2029 से पहले दक्षिणी गढ़ मज़बूत करने का अवसर देता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल चुनाव 2026 में यूडीएफ कितनी सीटों पर आगे है?
ताज़ा रुझानों के अनुसार यूडीएफ 99 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो 140 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आँकड़े 71 से काफी अधिक है। यदि यही रुझान जारी रहा तो यूडीएफ 100 सीटें भी पार कर सकता है।
CM पिनाराई विजयन की धर्मदम सीट पर क्या स्थिति है?
मतगणना के तीसरे राउंड के अंत तक मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी परंपरागत सीट धर्मदम से पीछे चल रहे हैं। यह एलडीएफ के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
एलडीएफ के कितने मंत्री पिछड़ रहे हैं?
एलडीएफ के 21 में से 15 मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं। यह सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए व्यापक संकट का संकेत है।
पिछले केरल चुनाव में एलडीएफ को कितनी सीटें मिली थीं?
पिछले केरल विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने 98 सीटें जीती थीं और सत्ता में दबदबे के साथ वापसी की थी। इस बार वह महज 40 सीटों पर सिमटता दिख रहा है।
केरल में एनडीए की क्या स्थिति है?
भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए इस बार 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। पिछले चुनाव में एनडीए को एक भी सीट नहीं मिली थी, इसलिए यह उसके लिए सकारात्मक संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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