केरल चुनाव परिणाम 2026: शुरुआती रुझानों में यूडीएफ को बढ़त, एलडीएफ पिछड़ा — कांग्रेस 19 सीटों पर आगे

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केरल चुनाव परिणाम 2026: शुरुआती रुझानों में यूडीएफ को बढ़त, एलडीएफ पिछड़ा — कांग्रेस 19 सीटों पर आगे

सारांश

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में यूडीएफ ने बढ़त बना ली है — कांग्रेस अकेले 19 सीटों पर आगे है। एलडीएफ की तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीदें फिलहाल धुंधली दिख रही हैं, जबकि एनडीए ने एक सीट पर खाता खोलकर 'किंगमेकर' की संभावना जीवित रखी है।

मुख्य बातें

4 मई 2026 को केरल में सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई — पहले पोस्टल बैलेट, फिर ईवीएम।
सुबह 9 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस 19 सीटों पर, माकपा 9 , IUML 3 और भाकपा 2 सीटों पर आगे।
यूडीएफ का लक्ष्य 80-90 सीटें जीतना; अधिकांश एग्जिट पोल ने भी यूडीएफ की जीत का अनुमान जताया था।
एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का दावा कर रहा था, लेकिन शुरुआती रुझान उसके विपरीत हैं।
एनडीए ने शुरुआती रुझानों में एक सीट पर खाता खोला।
धर्मदम, परावुर, हरिपद, त्रिशूर, पलक्कड़, नेमोम और निलांबुर प्रमुख सीटें जिन पर नज़र बनी है।

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अगुवाई वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) रुझानों में काफी पीछे चल रहा है। 4 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम सहित पूरे केरल में सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने शुरुआती रुझानों में एक सीट पर खाता खोला है।

मतगणना का क्रम और शुरुआती रुझान

मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती से हुई, जो सुबह के पहले आधे घंटे तक चली। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से वोटों की गिनती शुरू की गई। सुबह 9 बजे तक के रुझानों के अनुसार, कांग्रेस अकेले 19 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। माकपा (CPI-M) 9 सीटों पर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 3 सीटों पर और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) 2 सीटों पर आगे चल रही है।

यूडीएफ का चुनावी एजेंडा और लक्ष्य

यूडीएफ ने अपने प्रचार में महंगाई, भ्रष्टाचार के आरोप और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा और सत्ता विरोधी लहर का भरपूर लाभ उठाने की कोशिश की। गठबंधन का लक्ष्य 80 से 90 सीटें जीतने का है। हालाँकि, नेतृत्व को लेकर आंतरिक मतभेद उसके लिए एक संभावित चुनौती बने हुए हैं। अधिकांश एग्जिट पोल ने सत्ता परिवर्तन का अनुमान जताते हुए यूडीएफ के पक्ष में माहौल बताया था।

एलडीएफ की तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश

एलडीएफ मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में 'विकास और कल्याण' के एजेंडे पर चुनाव लड़ा है। गठबंधन ने अपनी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अपनी ताकत के रूप में पेश किया। गौरतलब है कि एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का दावा कर रहा था, जो केरल के राजनीतिक इतिहास में एक असाधारण उपलब्धि होती। हालाँकि, कुछ क्षेत्रों में मतदाता थकान की चिंता ने उसकी राह कठिन बनाई।

एनडीए की 'किंगमेकर' भूमिका की उम्मीद

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला एनडीए इस बार अपने वोट शेयर में सुधार और करीबी मुकाबले में 'किंगमेकर' की भूमिका निभाने की कोशिश में था। हाई-प्रोफाइल प्रचार और कुछ प्रमुख समुदायों में बढ़त से उसे उम्मीदें थीं। शुरुआती रुझानों में एनडीए ने एक सीट पर अपना खाता खोला है।

प्रमुख सीटें जिन पर रहेगी नज़र

जिन सीटों पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित है, उनमें धर्मदम, परावुर, हरिपद, त्रिशूर, पलक्कड़, नेमोम और निलांबुर शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज़ हुआ है और तीनों गठबंधनों ने प्रत्येक सीट पर कड़ी प्रतिस्पर्धा की है। दोपहर तक के रुझान यह तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि केरल की मतगणना में पोस्टल बैलेट और शुरुआती ईवीएम राउंड अक्सर अंतिम तस्वीर से भिन्न होते हैं। असली सवाल यह है कि क्या यूडीएफ की आंतरिक एकता उसे 80 से अधिक सीटें दिला पाएगी, या एलडीएफ की 'कल्याण राजनीति' ग्रामीण सीटों पर पलटवार करेगी। एनडीए का एक सीट पर खाता खुलना भले ही छोटा दिखे, लेकिन यह भाजपा के केरल में धीमी पर स्थिर पैठ का संकेत है — जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। अंतिम नतीजे ही बताएँगे कि 'सत्ता विरोधी लहर' वास्तव में कितनी गहरी थी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों में कौन आगे है?
शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ आगे है। सुबह 9 बजे तक कांग्रेस अकेले 19 सीटों पर, माकपा 9, IUML 3 और भाकपा 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
केरल में मतगणना कब और कैसे शुरू हुई?
4 मई 2026 को सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई। पहले आधे घंटे पोस्टल बैलेट गिने गए, उसके बाद ईवीएम से वोटों की गिनती शुरू की गई।
एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में क्यों नहीं आ पा रहा?
शुरुआती रुझानों के अनुसार एलडीएफ काफी पीछे चल रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में मतदाता थकान और सत्ता विरोधी लहर उसके लिए बड़ी चुनौती बनी। हालाँकि अंतिम परिणाम आना अभी बाकी है।
एनडीए ने केरल में कितनी सीटें जीती हैं?
शुरुआती रुझानों में एनडीए ने एक सीट पर अपना खाता खोला है। गठबंधन 'किंगमेकर' की भूमिका निभाने और अपने वोट शेयर में सुधार की उम्मीद लेकर चुनाव में उतरा था।
केरल चुनाव 2026 में कौन-सी प्रमुख सीटें हैं जिन पर नज़र है?
धर्मदम, परावुर, हरिपद, त्रिशूर, पलक्कड़, नेमोम और निलांबुर वे प्रमुख सीटें हैं जिन पर सभी की निगाहें टिकी हैं। ये सीटें तीनों गठबंधनों के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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