केरल चुनाव: केसी वेणुगोपाल ने भाजपा-सीपीआई(एम) के बीच गुप्त संधि का लगाया आरोप
सारांश
Key Takeaways
- केसी वेणुगोपाल का भाजपा-सीपीआई(एम) पर गुप्त समझौते का आरोप
- पलक्कड़ सीट का महत्व बढ़ा
- रमेश पिशारोडी का समर्थन
- शोभा सुरेंद्रन की प्रतिक्रिया
- वीडी सतीशन का बयान
तिरुवनंतपुरम, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के राजनीतिक परिदृश्य में चुनावी समय में आरोपों का सिलसिला बढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आलप्पुझा के सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा और सीपीआई(एम) पर एक गुप्त समझौते का आरोप लगाते हुए राजनीतिक वातावरण को गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब सच सामने आ चुका है और पलक्कड़ इस विवाद का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है।
केसी वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) द्वारा लेफ्ट समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में होटल व्यवसायी एनएमआर रजाक को चुनाव में उतारना, भाजपा के साथ उनकी अंदरूनी संधि का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा, "यह केवल पलक्कड़ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा ही गठजोड़ देखने को मिल रहा है।"
कांग्रेस के उम्मीदवार और मशहूर अभिनेता रमेश पिशारोडी ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए भाजपा-सीपीआई(एम) गठजोड़ को 'ओपन सीक्रेट' बताया। उन्होंने कहा कि यह समझ केवल पलक्कड़ में ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी स्पष्ट है। पिशारोडी ने यह भी कहा कि वह चुनाव प्रचार के लिए अपने फिल्मी दोस्तों को नहीं बुलाएंगे, क्योंकि वह उन्हें साइबर हमलों के खतरे में डालना नहीं चाहते।
उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि राहुल ममकूटथिल से जुड़ा विवाद चुनाव परिणामों को प्रभावित नहीं करेगा।
पलक्कड़ सीट इस बार सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बन गई है, जहां त्रिकोणीय टक्कर देखने को मिल रही है। इस सीट पर पिशारोडी के अलावा भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन और सीपीआई(एम) समर्थित उम्मीदवार रज़ाक मैदान में हैं, जो अपने व्यवसाय और खासकर बिरयानी के कारोबार के लिए भी मशहूर हैं।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शोभा सुरेंद्रन ने इसे कांग्रेस की घबराहट करार दिया। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसका नेतृत्व अब मान चुके हैं कि वे हार रहे हैं और हम जीत रहे हैं।"
इस मामले पर विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस कथित गुप्त समझौते की बातें अब सामने आ रही हैं और यह केवल पलक्कड़ पर ही नहीं, बल्कि लगभग 10 अन्य सीटों पर भी लागू है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सीपीआई(एम) भाजपा की मदद करती है, तो भाजपा भी बदले में उनकी मदद करती है, और इसका एक उदाहरण चेंगन्नूर सीट है।