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केरल विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच समझौते का आरोप दोहराया

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केरल विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच समझौते का आरोप दोहराया

सारांश

कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला ने एक बार फिर आरोप लगाया है कि भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच केरल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक गुप्त समझौता हुआ है। यह मुद्दा राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है।

मुख्य बातें

रमेश चेन्नीथला ने भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच समझौते का आरोप लगाया।
यह आरोप केरल विधानसभा चुनाव से पहले उठाया जा रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि समझौता क्षेत्र की 10 सीटों पर है।
यूडीएफ पिछले चुनावों में सत्ता में रहा है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आरोपों का जवाब दिया है।

कोच्चि (केरल), 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता रमेश चेन्नीथला ने रविवार को पार्टी के एक पुराने आरोप को फिर से दोहराते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सीपीआई (एम) के बीच केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक 'समझौते' का संबंध है।

चेन्नीथला ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच हुआ है। हमने इसका खुलासा किया है और लोग इस पर व्यापक चर्चा कर रहे हैं।

यह ध्यान देने योग्य है कि केरल में विपक्ष के नेता (एलओपी) वीडी सतीशन ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर यह आरोप बार-बार उठाया है। इन सभी का कहना है कि केरल की लगभग 10 विधानसभा सीटों पर सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है।

रमेश चेन्नीथला ने भाजपा और सीपीआई (एम) पर आरोप लगाया कि वे राज्य में कांग्रेस की सत्ता में वापसी रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 2021 के चुनाव में ऐसे ही एक समझौते का पालन किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी एक 'कांग्रेस मुक्त भारत' चाहते थे, जबकि मुख्यमंत्री विजयन चाहते थे कि कांग्रेस फिर से सत्ता में न आए। इसलिए इस चुनाव में ये दोनों विचार एक साथ आ रहे हैं। लोग इसे समझ चुके हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) केरल में आखिरी बार 2011 से 2016 तक सत्ता में था, जिसके बाद वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने 2016 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।

चेन्नीथला ने आगामी चुनावों में यूडीएफ की जीत पर विश्वास जताया।

उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि यह (सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच कथित समझौता) सफल नहीं होगा और हम सत्ता में लौटेंगे। यूडीएफ अच्छे बहुमत के साथ फिर से सत्ता में आएगी और हम सरकार बनाएंगे। हमें पूरा भरोसा है।

इससे पहले, कांग्रेस के आरोपों के जवाब में, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केरल के विपक्ष के सांसद सतीशन के आरएसएस से कथित संबंधों पर सवाल उठाए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

केंद्रीय मुद्दा है कि क्या भाजपा और सीपीआई (एम) वास्तव में एक गुप्त समझौते में शामिल हैं। कांग्रेस के नेता इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं, जबकि भाजपा और सीपीआई (एम) ने इसे नकारा है। यह चुनावी माहौल को और भी दिलचस्प बना देता है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कांग्रेस का आरोप सही है?
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा और सीपीआई (एम) के बीच एक गुप्त समझौता है, हालांकि भाजपा और सीपीआई (एम) ने इसे नकारा है।
केरल में विधानसभा चुनाव कब हो रहे हैं?
केरल में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होंगे।
रमेश चेन्नीथला कौन हैं?
रमेश चेन्नीथला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं।
क्या यह समझौता चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है?
अगर यह आरोप सही साबित होता है, तो यह चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
यूडीएफ का पिछले चुनावों में प्रदर्शन कैसा रहा?
यूडीएफ ने आखिरी बार 2011 से 2016 तक सत्ता में रहकर विधानसभा चुनाव जीते थे।
राष्ट्र प्रेस
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