बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन: तमिलनाडु में भारी बारिश, 2 की मौत, IMD का रेड अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के कारण तमिलनाडु के कई जिलों में 16 मई 2025 को भारी बारिश का दौर जारी रहा, जिसमें आकाशीय बिजली गिरने और तूफान से दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मुख्य घटनाक्रम
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम-मध्य क्षेत्र में बने इस डीप डिप्रेशन का असर शुक्रवार को राज्य के व्यापक हिस्सों में देखा गया। नागपट्टिनम जिले के वेलिपालयम, पुथुर, वेलंकन्नी, तिरुपूंडी, किलवेलूर और आसपास के इलाकों में करीब 20 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई।
कडलूर जिले के सिल्वर बीच पर बारिश के दौरान सेल्फी ले रहे तीन युवक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। इनमें पुथुपालयम निवासी हरिहरन की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चेंगलपट्टू जिले के सिथामुर इलाके में तेज तूफान के दौरान एक नारियल का पेड़ घर पर गिरने से कन्नियम्मल नामक महिला की मौत हो गई।
IMD का पूर्वानुमान और अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को विलुप्पुरम, कडलूर, मयिलादुथुरई और थेनी जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। रविवार को डिंडीगुल, थेनी, कोयंबटूर और नीलगिरि जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
चेन्नई में अगले दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान है। चेंगलपट्टू जिले के मदुरांतकम, मेलमरुवथुर और चेय्यूर क्षेत्रों में भी बिजली के साथ भारी बारिश दर्ज की गई।
मानसून की जल्द दस्तक की संभावना
IMD ने संकेत दिया है कि अगले 24 घंटों में अंडमान सागर, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दस्तक दे सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब इस बार मानसून अपनी सामान्य तारीख 20 मई से करीब पाँच दिन पहले पहुँचने की संभावना जताई जा रही है — जो मौसमी दृष्टि से उल्लेखनीय है।
आम जनता पर असर
थेनी, कोयंबटूर, पेरम्बलूर और तेनकासी समेत कई जिलों में लगातार बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली है। किसानों ने बारिश का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे खेती-किसानी को बड़ा फायदा मिलेगा। हालाँकि, आकाशीय बिजली और तेज तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तटीय और खुले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि डीप डिप्रेशन के आगे बढ़ने की दिशा और गति पर मौसम विभाग की नज़र बनी हुई है। यदि मानसून समय से पहले आता है, तो यह राज्य के जलाशयों और कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत होगा। फिलहाल प्रभावित जिलों में राहत और बचाव दल तैनात हैं।