1 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या तमिलनाडु के कोयंबटूर और नीलगिरी में भारी बारिश का खतरा है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या तमिलनाडु के कोयंबटूर और नीलगिरी में भारी बारिश का खतरा है?

सारांश

तमिलनाडु के कोयंबटूर और नीलगिरी में अगले तीन दिन के लिए भारी बारिश की चेतावनी। जानें क्या है मौसम विभाग का अलर्ट और किन क्षेत्रों में हो सकता है सबसे अधिक प्रभाव।

मुख्य बातें

भारी बारिश के लिए चेतावनी जारी की गई है।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
मछुआरों को समुद्र में जाने से बचना चाहिए।
मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करें।
सुरक्षा के लिए यात्रा को टालें।

चेन्नई, 25 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु के पहाड़ी जिलों कोयंबटूर और नीलगिरी के लिए अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और नदियों के किनारों पर रहने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

आईएमडी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक मौसम प्रणाली के कारण यह बारिश हो रही है। इस समय म्यांमार के तट के पास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है और गुरुवार को बंगाल की खाड़ी के मध्य में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

इससे तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में सलेम जिले के येरकॉड में सबसे ज्यादा 5 सेमी बारिश दर्ज की गई।

कन्याकुमारी जिले के पलामोर और किलकोट्टायर, कोयंबटूर जिले के चिन्नाकल्लार और वाल्पराई, तथा तिरुनेलवेली जिले के नालुमुक्कू और ओट्टू में भी 2 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि कोयंबटूर और नीलगिरी में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है, जहां कुछ स्थानों पर बादल फटने का भी खतरा है।

आईएमडी के पूर्वानुमान में गुरुवार और शुक्रवार को तमिलनाडु, पुदुच्चेरी और कराईकल के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली और गरज के साथ बारिश की चेतावनी भी दी गई है। चेन्नई और उसके आसपास के उपनगरों में बादल छाए रहने की संभावना है और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

राज्य की राजधानी में मौसम के ज्यादा खराब होने की आशंका नहीं है, लेकिन आने-जाने वालों को सलाह दी गई है कि वे व्यस्त समय के दौरान हल्की बारिश के लिए तैयार रहें। पश्चिमी घाट क्षेत्र के जिलों के प्रशासन को संवेदनशील ढाल और जल स्रोतों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों के अलर्ट का पालन करने की अपील की है। आईएमडी ने कहा कि विकसित हो रहा निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों में और तेज हो सकता है, जो दक्षिणी तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में बारिश के पैटर्न को प्रभावित करेगा।

मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं और खराब समुद्री स्थिति के कारण बाहर न जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और समय पर अपडेट के लिए मौसम बुलेटिन जारी किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह सुनिश्चित करना है कि जनता को सटीक जानकारी मिले। मौसम विभाग का अलर्ट गंभीर है और हमें अपनी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कोयंबटूर और नीलगिरी में बारिश के कारण भूस्खलन हो सकता है?
हां, आईएमडी के अनुसार इन क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा है।
क्या बारिश के दौरान यात्रा करना सुरक्षित है?
नहीं, पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने का सुझाव दिया गया है।
क्या मछुआरों को समुद्र में जाने की अनुमति है?
नहीं, तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले