तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट: नीलगिरी-कोयंबटूर समेत 8 जिलों में 3 दिन तक चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 30 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के कई जिलों में आने वाले दिनों में हल्की से भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी घाट के जिलों, दक्षिणी तटीय पट्टियों और डेल्टा क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यह मौसमी गतिविधि दक्षिण-पश्चिम मानसून से नहीं, बल्कि स्थानीय वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण बताई जा रही है।
निम्न दबाव क्षेत्र से बनी स्थिति
IMD के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊँचाई पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। यह प्रणाली उत्तर आंतरिक कर्नाटक से शुरू होकर दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु होते हुए गल्फ ऑफ मन्नार तक फैली हुई है। इस वायुमंडलीय स्थिति के चलते राज्य के कई जिलों में व्यापक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
गौरतलब है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने में अभी कुछ सप्ताह शेष हैं, इसलिए वर्षा का यह दौर मौसमी मानसून गतिविधि नहीं, बल्कि स्थानीय वायुमंडलीय अस्थिरता का परिणाम माना जा रहा है।
कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित होंगे
विभाग ने संकेत दिया है कि नीलगिरी और कोयंबटूर जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी वर्षा का पूर्वानुमान है, जिससे पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर व्यवधान उत्पन्न होने की संभावना है। इसके अलावा इरोड, सेलम, धर्मपुरी और कृष्णगिरी जिलों में भी अगले दो दिनों तक भारी वर्षा होने की उम्मीद है।
1 मई को तिरुप्पुर, डिंडीगुल और थेनी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। 2 मई को डिंडीगुल, थेनी, मदुरै, शिवगंगा तथा विरुधुनगर जिलों के कुछ हिस्सों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान लगाया गया है। यह मौसमी प्रणाली धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसक रही है, जिससे और अधिक जिले इसके प्रभाव में आ रहे हैं।
अधिकारियों की सलाह और सावधानियाँ
अधिकारियों ने नीलगिरी और कोयंबटूर समेत प्रभावित जिलों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ भूस्खलन या जलभराव का खतरा अधिक है। स्थानीय प्रशासन से निचले और बाढ़-संभावित क्षेत्रों में तैयारियाँ सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
मछुआरों को भी संभावित प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण दक्षिणी तट पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कराईकल क्षेत्र के कुछ स्थानों पर भी गरज और बिजली चमकने के साथ वर्षा होने की उम्मीद है।
आम जनता पर असर
हल्की से मध्यम बारिश से मौसम में ठंडक आने और तापमान में थोड़ी गिरावट की संभावना है, जो अप्रैल की गर्मी से राहत दे सकती है। हालाँकि, पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा से सड़क यातायात और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में गर्मी की लहर का असर पहले से महसूस किया जा रहा था।
आगे क्या
IMD ने लोगों को मौसम से जुड़े अपडेट पर नज़र रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसमी प्रणाली के दक्षिण की ओर बढ़ने के साथ अगले कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन से पहले इस तरह की पूर्व-मानसून वर्षा गतिविधि असामान्य नहीं है।