मोदी-जेटन वार्ता में सेमीकंडक्टर पर बड़ा कदम: टाटा-ASML समझौता, धोलेरा फैब को मिलेगी डच तकनीक

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मोदी-जेटन वार्ता में सेमीकंडक्टर पर बड़ा कदम: टाटा-ASML समझौता, धोलेरा फैब को मिलेगी डच तकनीक

सारांश

द हेग में मोदी-जेटन वार्ता महज शिष्टाचार नहीं थी — इसने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच एक ठोस समझौते को जन्म दिया। धोलेरा के प्रस्तावित चिप संयंत्र को अब दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनी का सहयोग मिलेगा — भारत की चिप महत्वाकांक्षा के लिए यह एक निर्णायक मोड़ है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई 2026 को द हेग में नीदरलैंड के पीएम रॉब जेटन से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित; गुजरात के धोलेरा में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर सुविधा को डच तकनीकी सहयोग मिलेगा।
मोदी ने पैलेस हाउस टेन बॉश में राजा विलेम-एलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात की।
दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर के अलावा जल प्रबंधन, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और शिक्षा में सहयोग पर सहमति जताई।
मोदी ने एक्स पर कहा कि यह साझेदारी भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को नई मजबूती देगी और युवाओं के लिए अवसर पैदा करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई 2026 को द हेग में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, नवाचार और हरित साझेदारी पर सहयोग गहरा करने पर सहमति बनी। इस वार्ता की सबसे बड़ी उपलब्धि रही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप उपकरण निर्माता ASML के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन, जो गुजरात के धोलेरा में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना और विस्तार में सहयोग सुनिश्चित करेगा।

शाही परिवार से मुलाकात और ऐतिहासिक संबंधों की याद

वार्ता से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने द हेग स्थित पैलेस हाउस टेन बॉश में नीदरलैंड के राजा विलेम-एलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से भेंट की। दोनों पक्षों ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने, विशेष रूप से जन-संपर्क बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

मोदी ने वर्ष 2019 में शाही दंपति की भारत यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि उस दौरे ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा और दिशा दी थी। शाही परिवार ने प्रधानमंत्री के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन भी किया।

टाटा-ASML समझौता: धोलेरा फैब को मिलेगा डच सहयोग

दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित समझौते के तहत ASML — जो दुनिया की एकमात्र कंपनी है जो अत्याधुनिक EUV लिथोग्राफी मशीनें बनाती है — गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आगामी सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना और विस्तार में सहयोग प्रदान करेगी। यह समझौता भारत की घरेलू चिप निर्माण क्षमता निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि ASML का मुख्यालय नीदरलैंड के आइंडहोवेन में है और वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में उसकी भूमिका अपरिहार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार सेमीकंडक्टर मिशन के तहत घरेलू चिप इकोसिस्टम विकसित करने में अरबों रुपये निवेश कर रही है।

मोदी का एक्स पर संदेश: युवाओं के लिए अवसर का द्वार

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यह साझेदारी भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को नई मजबूती देगी और उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को गहरा करेगी। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री रॉब जेटन और मैंने भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए टाटा और ASML के बीच हुए समझौते को देखा। ASML, गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आगामी सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना और विस्तार में सहयोग करेगा।'

मोदी ने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति देश के युवाओं के लिए अपार अवसर पैदा कर रही है और नवाचार तथा रोजगार की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

व्यापक द्विपक्षीय एजेंडा

सेमीकंडक्टर के अलावा, दोनों देशों ने जल प्रबंधन — जिसमें नीदरलैंड की वैश्विक विशेषज्ञता सर्वविदित है — हरित ऊर्जा, डिजिटल अवसंरचना और उच्च शिक्षा में चल रही द्विपक्षीय पहलों पर संतोष व्यक्त किया। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के यूरोप दौरे का हिस्सा है, जो भारत की तकनीकी कूटनीति को नई धार दे रही है।

आगे की राह

धोलेरा सेमीकंडक्टर संयंत्र के क्रियान्वयन की समयसीमा और निवेश के विस्तृत ब्यौरे अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ASML जैसी कंपनी के साथ सहयोग भारत को उन्नत चिप निर्माण तकनीक तक पहुँच दिला सकता है, जो अभी तक मुट्ठी भर देशों तक ही सीमित रही है। भारत-नीदरलैंड संबंधों की यह नई परत आने वाले वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर भारत की स्थिति को परिभाषित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक है — ASML वह कंपनी है जिसके बिना दुनिया में उन्नत चिप बनाना संभव नहीं, और उसका भारत में प्रवेश सेमीकंडक्टर कूटनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। लेकिन असली कसौटी यह होगी कि धोलेरा संयंत्र कब तक उत्पादन शुरू करता है और किस तकनीकी पीढ़ी की चिप बनाता है — क्योंकि भारत के पिछले 'मेक इन इंडिया' तकनीकी वादों और ज़मीनी नतीजों के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहा है। यह यात्रा यह भी दर्शाती है कि भारत पश्चिमी सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में सक्रिय रूप से स्थान बनाने की कोशिश कर रहा है, जो चीन-केंद्रित निर्भरता घटाने की वैश्विक कोशिशों के अनुरूप है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच क्या समझौता हुआ?
दोनों कंपनियों के बीच एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ, जिसके तहत ASML, गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रस्तावित सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना और विस्तार में सहयोग करेगी। यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी और नीदरलैंड के पीएम रॉब जेटन की उपस्थिति में द हेग में हुआ।
ASML कौन सी कंपनी है और यह भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
ASML नीदरलैंड स्थित एक वैश्विक सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता है, जो दुनिया की एकमात्र कंपनी है जो अत्याधुनिक EUV लिथोग्राफी मशीनें बनाती है — ये मशीनें उन्नत चिप निर्माण के लिए अनिवार्य हैं। ASML का सहयोग मिलने से भारत के धोलेरा संयंत्र को उस तकनीक तक पहुँच मिल सकती है जो अभी तक केवल मुट्ठी भर देशों के पास है।
मोदी की नीदरलैंड यात्रा में और किन विषयों पर चर्चा हुई?
सेमीकंडक्टर के अलावा दोनों देशों ने डिजिटल तकनीक, जल प्रबंधन, हरित साझेदारी, शिक्षा और नवाचार में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। मोदी ने राजा विलेम-एलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात की और 2019 की शाही यात्रा का स्मरण किया।
धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब क्या है और यह कहाँ बनेगा?
धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा स्थापित की जाने वाली चिप निर्माण सुविधा है। यह भारत सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में घरेलू चिप उत्पादन इकोसिस्टम विकसित करना है।
भारत-नीदरलैंड सेमीकंडक्टर सहयोग का क्या महत्व है?
यह सहयोग भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक सक्रिय भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ASML जैसी कंपनी के साथ साझेदारी भारत को उन्नत चिप तकनीक तक पहुँच दिला सकती है और चीन-केंद्रित तकनीकी निर्भरता घटाने की वैश्विक कोशिशों के अनुरूप है।
राष्ट्र प्रेस
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