प्रधानमंत्री मोदी ने साणंद में सेमीकंडक्टर ओएसएटी सुविधा का शुभारंभ किया
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया साणंद में सेमीकंडक्टर ओएसएटी सुविधा का।
- प्लांट में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू हो चुके हैं।
- यह सुविधा केंद्र सरकार के 'भारत सेमीकंडक्टर मिशन' का हिस्सा है।
- उत्पादन क्षमता लगभग 6.3 मिलियन यूनिट्स प्रतिदिन होने की उम्मीद है।
- यह परियोजना रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
साणंद, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के साणंद में केन्स सेमीकॉन की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का उद्घाटन किया। इस प्लांट में अब कमर्शियल ऑपरेशन भी शुरू हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने प्लांट का निरीक्षण किया और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और चल रहे ऑपरेशंस का जायजा लिया। साणंद यूनिट लगभग 3,300 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित की गई है। यह प्लांट सेमीकंडक्टर असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग का कार्य करेगा, जो चिप मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह सुविधा केंद्र सरकार के 'भारत सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत देश में सेमीकंडक्टर निर्माण की घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। प्लांट में कमर्शियल उत्पादन की शुरुआत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल के निर्माण से हुई है। इन मॉड्यूल्स का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, इंडस्ट्रियल सिस्टम और ऊर्जा-कुशल उपकरणों जैसे एप्लीकेशंस में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
प्रत्येक मॉड्यूल में कई चिप्स को एक ही पैकेज में इंटीग्रेट किया जाता है, जिससे परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी में सुधार होता है। जब यह सुविधा पूरी क्षमता पर कार्य करेगी, तो इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 6.3 मिलियन यूनिट्स प्रतिदिन होने की उम्मीद है।
इस प्लांट का उत्पादन न केवल देश की घरेलू मांग को पूरा करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को भी पूरा करने में मदद करेगा। इसका मतलब है कि दुनियाभर की सेमीकंडक्टर कंपनियों को भी इस प्लांट से सप्लाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके सानंद दौरे के दौरान केन्स सेमीकॉन की यूनिट में इस्तेमाल हो रही एडवांस्ड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी दी गई। इसमें कठिन सेमीकंडक्टर मॉड्यूल को संभालने की विशेष क्षमताएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने सुविधा केंद्र में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की और क्लीनरूम और प्रोडक्शन लाइनों का भी निरीक्षण किया। सरकार ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर बढ़ने और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कुशल कर्मचारियों के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
साणंद स्थित यह सुविधा केंद्र उन सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिनका मकसद आयात पर निर्भरता कम करना और भारत के भीतर ही वैल्यू एडिशन बढ़ाना है। इसी दिशा में इस साल फरवरी में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की यूनिट का उद्घाटन भी किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी का यह उद्घाटन उनके राज्य के एक दिवसीय दौरे के दौरान हुआ, जिसमें वे कई अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।