हेग में PM मोदी की CEO राउंडटेबल: नीदरलैंड्स की कंपनियाँ भारत में बढ़ाएंगी निवेश, सेमीकंडक्टर-शिपिंग पर बड़ी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 मई को नीदरलैंड्स की राजधानी हेग में आयोजित भारत-नीदरलैंड्स CEO राउंडटेबल में भाग लिया, जहाँ दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश और आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। राउंडटेबल में शामिल नीदरलैंड्स की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने भारत में पिछले 10-12 वर्षों में आए ढाँचागत बदलावों की सराहना की और भविष्य में निवेश बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
राउंडटेबल में किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा
बैठक में सेमीकंडक्टर उद्योग, समुद्री परिवहन, जल प्रबंधन, एग्रीटेक, एडवांस्ड लॉजिस्टिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और जन-संपर्क को नई ऊर्जा देगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
नीदरलैंड्स के CEO क्या बोले
रॉयल वोपाक के सीईओ डिक रिचेल ने कहा कि उनकी कंपनी एगिस लॉजिस्टिक्स के साथ संयुक्त उद्यम के माध्यम से भारत में लंबे समय से सक्रिय है और आगे और निवेश बढ़ाने की संभावनाएँ तलाश रही है।
वीएनओ एससीडब्ल्यू के अध्यक्ष कोएन वैन ओस्ट्रोम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी डच कंपनियों की जरूरतों और क्षमताओं को गहराई से समझते हैं और वैश्विक साझेदारियों के जरिए भारत में निवेश बढ़ाने के प्रति पूरी तरह उत्सुक हैं।
एपीएम टर्मिनल्स के सीईओ कीथ स्वेंडसेन ने कहा, 'भारत की महत्वाकांक्षा और आर्थिक प्रगति सुनकर अच्छा लगा। ईयू के साथ व्यापार समझौता दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा। हम परिवहन, जहाज निर्माण, कंटेनर उत्पादन और युवाओं के प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में ठोस प्रगति कर रहे हैं।'
रोटरडम पोर्ट के सीईओ ने कहा कि जहाज बंदरगाह में सुरक्षित रहने के लिए नहीं, बल्कि व्यापार के लिए बने हैं — और भारत में बुनियादी ढाँचे पर हो रहे नए निवेश का उन्होंने स्वागत किया।
सेमीकंडक्टर: टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ रणनीतिक साझेदारी
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर के बाद क्रिस्टोफ फौक्वेट ने कहा, 'यह प्रधानमंत्री मोदी की सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने की महत्वाकांक्षा का नतीजा है। भारत में यह उद्योग आत्मनिर्भरता और समृद्धि के लिए बेहद जरूरी है।' गौरतलब है कि भारत सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को अपनी औद्योगिक नीति का केंद्रबिंदु बना चुकी है।
बौदेविज्न सीमन्स के सीईओ ने प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा, 'उन्होंने जो कहा कि सबसे अच्छा समय अभी आना बाकी है, उससे मैं पूरी तरह सहमत हूँ। ईयू-भारत व्यापार समझौते और नीदरलैंड्स के साथ विशेष संबंधों के आधार पर हमारे पास विशाल अवसर हैं।'
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और आगे की राह
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा, सस्टेनेबिलिटी और टेक्नोलॉजी समेत विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के सीईओ के साथ विस्तृत चर्चा की।' यह राउंडटेबल भारत की यूरोप के साथ बहुआयामी आर्थिक कूटनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और भारत-EU FTA की पृष्ठभूमि में इसका महत्व और बढ़ जाता है।