PM मोदी ने द हेग में कहा: भारत तकनीक और मानवता से प्रेरित अवसरों की धरती
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए शनिवार, 16 मई को कहा कि भारत आज नवाचार, आर्थिक विकास और वैश्विक सहयोग की एक निर्णायक शक्ति बनकर उभर रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'भारत अवसरों की धरती है, जो तकनीक और मानवता दोनों से प्रेरित है।' यह संबोधन ऐसे समय में आया जब वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ और आर्थिक चुनौतियाँ अपने चरम पर हैं।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी और दुनिया में जारी संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा, 'यह दशक दुनिया के लिए चुनौतियों का दशक बनता जा रहा है।' उन्होंने रेखांकित किया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय समन्वय और साझेदारी अनिवार्य है। गौरतलब है कि भारत पिछले कुछ वर्षों में 'वसुधैव कुटुम्बकम' की अवधारणा को अपनी विदेश नीति का केंद्र बनाता आया है।
भारत-नीदरलैंड सहयोग का विस्तार
मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड ऊर्जा सुरक्षा और जल सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश वैश्विक स्तर पर और अधिक करीब से काम कर सकते हैं तथा बड़े अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में मिलकर भागीदारी कर सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है।
नीदरलैंड — यूरोप में भारत का प्रवेश द्वार
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'नीदरलैंड उन भारतीय व्यवसायों के लिए एक स्वाभाविक प्रवेश द्वार बन सकता है जो यूरोप में विस्तार करना चाहते हैं।' उन्होंने प्रस्तावित भारत-EU FTA का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाएगा। नीदरलैंड यूरोप का प्रमुख लॉजिस्टिक्स और वित्तीय केंद्र है, जो भारतीय कंपनियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
प्रवासी समुदाय की सराहना
मोदी ने द हेग में उपस्थित उत्साहित भारतीय समुदाय की भूमिका को 'दोनों देशों के बीच भरोसेमंद सेतु' बताया। उन्होंने कहा, 'इतना प्यार और उत्साह देखकर मैं कुछ पल के लिए भूल गया कि मैं नीदरलैंड में हूं।' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि द हेग अब भारत-नीदरलैंड मित्रता का जीवंत प्रतीक बन चुका है। विदेशों में बसे भारतीय समुदाय को मोदी सरकार की विदेश नीति में 'सॉफ्ट पावर' के रूप में लगातार प्रमुखता दी जाती रही है।
आगे की राह
इस संबोधन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ऊर्जा, जल प्रबंधन, प्रौद्योगिकी और व्यापार — इन चार स्तंभों पर टिकी यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और विस्तृत होने की संभावना है।