नीदरलैंड में PM मोदी ने भारतीय समुदाय से की मुलाकात, सूरीनामी-हिंदुस्तानी विरासत और स्टार्टअप इंडिया की गाथा सुनाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई 2025 को नीदरलैंड के अपने आधिकारिक दौरे के दौरान द हेग में भारतीय समुदाय के एक बड़े समूह से सीधी बातचीत की। भारतीय प्रवासियों ने उत्साह और जोश के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संवाद में मोदी ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को मज़बूत करने में प्रवासी भारतीयों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
प्रवासी भारतीय: दो देशों के बीच सेतु
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के सदस्यों के प्यार और उत्साह से अभिभूत हुए। उन्होंने भारतीय समुदाय को भारत और नीदरलैंड के बीच एक मज़बूत पुल बताया और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने में उनकी अहम भूमिका पर ज़ोर दिया।
जायसवाल ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के भारत के साथ गहरे और अटूट ऐतिहासिक संबंधों को याद किया। उन्होंने इस समुदाय द्वारा पीढ़ियों से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और उसे उत्सव के रूप में मनाने के प्रयासों की सराहना की।
स्टार्टअप इंडिया: युवाओं का बदलता मिज़ाज
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप आज भारत के युवाओं की सोच और मिज़ाज का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि 12 वर्ष पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है।
यूनिकॉर्न के मोर्चे पर भी भारत की छलांग उल्लेखनीय रही है — 2014 में देश में केवल 4 यूनिकॉर्न थे, जो आज बढ़कर करीब 125 हो गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में अकेले 44,000 से अधिक नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं। AI, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप विशेष रूप से उल्लेखनीय काम कर रहे हैं।
सेमीकंडक्टर और इनोवेशन की नई राह
प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति समय के साथ और विस्तृत होती जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भारत में लाखों पेटेंट दाखिल किए गए। चिप निर्माण के क्षेत्र में भी भारत बड़े कदम उठा रहा है — फिलहाल देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट कार्यरत हैं, जिनमें से 2 प्लांट में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। मोदी ने कहा कि अब चिप भी 'डिज़ाइन इन इंडिया, मेड इन इंडिया' होगी।
डिजिटल इंडिया: वैश्विक नेतृत्व की पहचान
प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को देश की इनोवेशन क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत में हर महीने 20 बिलियन से अधिक UPI ट्रांजेक्शन होते हैं और पूरी दुनिया में होने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शन में आधे से अधिक अकेले भारत में होते हैं।
उन्होंने डिजिटल इकोसिस्टम की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भुगतान के लिए डिजिटल वॉलेट, दस्तावेज़ों के लिए डिजिलॉकर, यात्रा के लिए डिजियात्रा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डिजिटल हेल्थ आईडी उपलब्ध है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी तकनीकी और कूटनीतिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करने में जुटा है।