PM मोदी नीदरलैंड पहुंचे, किंग विलेम-अलेक्जेंडर और PM रॉब जेटन से होगी द्विपक्षीय वार्ता

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PM मोदी नीदरलैंड पहुंचे, किंग विलेम-अलेक्जेंडर और PM रॉब जेटन से होगी द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं — सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग की नींव रखने की कोशिश है। 2017 के बाद पहली बार हो रहे इस दौरे में किंग विलेम-अलेक्जेंडर से मुलाकात और 2 लाख से अधिक भारतीय मूल के नागरिकों से जुड़ाव भारत की यूरोप-केंद्रित कूटनीति को नई धार देगा।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के दूसरे चरण में शुक्रवार शाम नीदरलैंड पहुंचे।
17 मई को नीदरलैंड के PM रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता और किंग विलेम-अलेक्जेंडर व क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात निर्धारित है।
नीदरलैंड में 90,000 से अधिक NRI और 2 लाख से अधिक सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के सदस्य निवास करते हैं।
यह मोदी का नीदरलैंड का दूसरा दौरा है — इससे पहले वह 2017 में वहाँ गए थे।
सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग विस्तार दौरे के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पाँच देशों के कूटनीतिक दौरे के दूसरे चरण में शुक्रवार शाम नीदरलैंड पहुंचे। यूरोप में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को मज़बूत करने के उद्देश्य से की जा रही इस यात्रा में वह शनिवार, 17 मई को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे तथा किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे।

दौरे का एजेंडा और मुख्य बैठकें

इस आधिकारिक दौरे के तहत प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के शीर्ष व्यापार जगत के नेताओं से भी बातचीत करेंगे। इसके अलावा, वह नीदरलैंड में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित कर सकते हैं — यह समुदाय यूरोप के सबसे बड़े भारतीय समुदायों में से एक है। प्रधानमंत्री का यह दौरा 17 मई तक चलेगा।

भारतीय समुदाय और लोगों के बीच संबंध

नीदरलैंड में 90,000 से अधिक अनिवासी भारतीय (NRI) और भारतीय मूल के नागरिक निवास करते हैं। इसके अलावा, सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के 2 लाख से अधिक सदस्य भी वहाँ रहते हैं। वर्तमान में नीदरलैंड की विभिन्न विश्वविद्यालयों में लगभग 3,500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच जीवंत सांस्कृतिक और शैक्षणिक कड़ी को दर्शाता है।

रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने दौरे से पूर्व एक विशेष ब्रीफिंग में कहा, 'पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, निवेश के पारंपरिक क्षेत्रों और WAH — यानी जल, कृषि तथा स्वास्थ्य — के साथ-साथ लोगों के बीच संबंधों में हमारी साझेदारी काफ़ी गहरी हुई है।' उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग और बढ़ा है।

नीदरलैंड का दूसरा दौरा, 2017 के बाद पहली बार

गौरतलब है कि यह प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड का दूसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2017 में वहाँ की यात्रा की थी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-नीदरलैंड संबंध एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'गुडडेवोंड नीदरलैंड! पीएम मोदी नीदरलैंड पहुंच गए हैं। यह दौरा भारत-नीदरलैंड की कई तरह की साझेदारी को और मज़बूत करने और यूरोप के सबसे बड़े भारतीय समुदाय से जुड़ने का मौका देगा।' यह दौरा पाँच देशों की यात्रा का हिस्सा है, जिसके पहले चरण में प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे।

आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाले समझौतों और संयुक्त घोषणाओं पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह दौरा भारत की यूरोप-केंद्रित कूटनीतिक रणनीति का एक अहम अध्याय साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली कसौटी यह होगी कि सेमीकंडक्टर और रक्षा सहयोग में कितने ठोस समझौते सामने आते हैं। भारत की यूरोप-नीति अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रही — यह तकनीकी संप्रभुता की लड़ाई का हिस्सा है, और नीदरलैंड उसमें एक अहम कड़ी है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी नीदरलैंड दौरे पर किन नेताओं से मिलेंगे?
PM मोदी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और किंग विलेम-अलेक्जेंडर तथा क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा 17 मई तक चलेगा।
मोदी का नीदरलैंड दौरा किस बड़े दौरे का हिस्सा है?
यह पाँच देशों के कूटनीतिक दौरे का दूसरा चरण है। पहले चरण में प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे, और नीदरलैंड के बाद भी अन्य देशों की यात्राएँ निर्धारित हैं।
भारत-नीदरलैंड के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है?
सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग विस्तार दौरे के प्रमुख एजेंडे में है। जल, कृषि और स्वास्थ्य (WAH) के पारंपरिक क्षेत्रों में भी साझेदारी और गहरी होने की उम्मीद है।
नीदरलैंड में भारतीय समुदाय कितना बड़ा है?
नीदरलैंड में 90,000 से अधिक NRI और भारतीय मूल के नागरिक रहते हैं। इसके अलावा सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के 2 लाख से अधिक सदस्य और लगभग 3,500 भारतीय छात्र वहाँ उच्च शिक्षा ले रहे हैं।
मोदी ने इससे पहले नीदरलैंड का दौरा कब किया था?
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 2017 में नीदरलैंड का दौरा किया था। मौजूदा दौरा उनकी दूसरी नीदरलैंड यात्रा है और दोनों देशों के संबंधों के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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