PM मोदी 15-20 मई को UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली दौरे पर, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

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PM मोदी 15-20 मई को UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली दौरे पर, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी का 15-20 मई का पाँच देशों का दौरा महज़ कूटनीतिक रस्म नहीं — यह भारत की यूरोप और खाड़ी नीति का नया अध्याय है। UAE से इटली तक, सेमीकंडक्टर से ग्रीन हाइड्रोजन तक, और 43 साल बाद नॉर्वे में पहली प्रधानमंत्री यात्रा — यह दौरा भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के बाद संबंधों को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 के बीच UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की आधिकारिक यात्रा करेंगे।
यूएई में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से ऊर्जा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी।
नॉर्वे दौरा पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक नॉर्वे यात्रा होगी।
तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी प्रधानमंत्री मोदी भाग लेंगे।
नीदरलैंड में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और जल प्रबंधन पर रणनीतिक सहयोग का एजेंडा।
हाल ही में हुए भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के बाद यह यात्रा व्यापार और निवेश को नई गति देगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से 20 मई 2026 के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय ने 11 मई को यह जानकारी साझा की। यह दौरा भारत के यूरोपीय और खाड़ी देशों के साथ रणनीतिक, व्यापारिक एवं तकनीकी संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यूएई: ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात से करेंगे, जहाँ वे यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों, ऊर्जा सहयोग और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा होगी। गौरतलब है कि भारत-यूएई के बीच व्यापारिक और ऊर्जा संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से गहरे हुए हैं।

नीदरलैंड: सेमीकंडक्टर से ग्रीन हाइड्रोजन तक

यूएई के बाद प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। यह यात्रा नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के आमंत्रण पर हो रही है। इस दौरान पीएम मोदी नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस यात्रा में रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने पर ज़ोर रहेगा।

स्वीडन: एआई, स्टार्ट-अप और हरित परिवर्तन की राह

प्रधानमंत्री 17 से 18 मई के बीच स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुँचेंगे। यह दौरा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर है। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की समग्र समीक्षा करेंगे और व्यापार विस्तार के नए अवसर तलाशेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ग्रीन ट्रांजिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई टेक्नोलॉजी, स्टार्ट-अप, सप्लाई चेन, डिफेंस, स्पेस और क्लाइमेट एक्शन जैसे विषयों पर सहयोग की नई संभावनाएँ खोजी जाएंगी।

नॉर्वे: ऐतिहासिक दौरा और तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री मोदी 18 से 19 मई के बीच नॉर्वे की यात्रा करेंगे और तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह उनकी पहली नॉर्वे यात्रा होगी और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक नॉर्वे यात्रा होगी — एक ऐतिहासिक अवसर जो दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय जोड़ेगा। वे नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और क्वीन सोनजा से मिलेंगे, प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और भारत-नॉर्वे व्यापार एवं अनुसंधान सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।

इटली: यात्रा का अंतिम पड़ाव, मेलोनी से मुलाकात

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 19 से 20 मई तक इटली में रहेंगे। यह यात्रा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के आमंत्रण पर हो रही है। इस दौरान वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से भेंट करेंगे और प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ विस्तृत वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत-यूरोप साझेदारी को, विशेष रूप से व्यापार और निवेश के क्षेत्र में, और सुदृढ़ करेगी। हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद यह दौरा सहयोग को नई गति देने का अवसर बनेगा।

यह छह दिवसीय बहु-देशीय दौरा भारत की बदलती वैश्विक कूटनीति का प्रतिबिंब है, जहाँ यूरोप और खाड़ी देशों के साथ संबंध केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक प्राथमिकता बनते जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस समझौते को व्यावहारिक रूप देने की कोशिश है। नॉर्वे में 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का जाना बताता है कि नई दिल्ली अब नॉर्डिक देशों को केवल 'परिधि' नहीं, बल्कि तकनीक, हरित ऊर्जा और रक्षा में रणनीतिक साझेदार मान रही है। हालाँकि, इन यात्राओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और AI जैसे क्षेत्रों में घोषणाएँ ठोस समझौतों में बदलती हैं या नहीं — जो अक्सर शिखर-स्तरीय दौरों की कमज़ोरी रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी किन पाँच देशों की यात्रा पर जा रहे हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 के बीच संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने 11 मई को इसकी पुष्टि की।
PM मोदी की नॉर्वे यात्रा ऐतिहासिक क्यों है?
यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नॉर्वे यात्रा है और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक नॉर्वे यात्रा होगी। इस दौरान वे तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
नीदरलैंड दौरे में किन क्षेत्रों पर चर्चा होगी?
नीदरलैंड में रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग पर बातचीत होगी। पीएम मोदी राजा विलेम-अलेक्जेंडर और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से मिलेंगे।
इटली दौरे का क्या महत्व है?
इटली दौरा प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के आमंत्रण पर हो रहा है और यह हाल ही में हुए भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के बाद व्यापार व निवेश संबंधों को मज़बूत करने के लिहाज़ से अहम है। पीएम मोदी राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से भी मुलाकात करेंगे।
UAE में PM मोदी किससे मिलेंगे और क्या एजेंडा होगा?
UAE में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिलेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों, ऊर्जा सहयोग और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
राष्ट्र प्रेस