क्या यूएई के राष्ट्रपति नाहयान का भारत दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा?

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क्या यूएई के राष्ट्रपति नाहयान का भारत दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा?

सारांश

क्या आपको पता है कि यूएई के राष्ट्रपति नाहयान भारत की यात्रा पर आ रहे हैं? इस यात्रा के माध्यम से भारत-यूएई के संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होगा। जानिए इस यात्रा के महत्व और इसके पीछे की रणनीति के बारे में।

Key Takeaways

  • यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा महत्वपूर्ण है।
  • भारत-यूएई के रिश्तों में नई संभावनाएँ खुलेंगी।
  • दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा।
  • साझेदारी में ऊर्जा, आर्थिक, और संस्कृतिक पहलू शामिल हैं।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। राष्ट्रपति के तौर पर यह उनकी भारत में तीसरी और पिछले एक दशक में पांचवीं यात्रा होगी। यूएई के भारतीय दूतावास ने इस संदर्भ में एक बयान जारी किया है।

दूतावास ने इस यात्रा को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया और इसे राष्ट्रपति नाहयान और पीएम मोदी के लिए नई राहें तय करने का अवसर बताया है।

यह यात्रा हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का प्रतीक है। सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अप्रैल 2025 में यूएई के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री और दुबई के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की यात्राएं भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

भारत और यूएई के बीच घनिष्ठ और बहुआयामी संबंध हैं, जो मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर आधारित हैं। दोनों देश एक-दूसरे के शीर्ष व्यापार और निवेश भागीदारों में से हैं, और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए), स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) प्रणाली, और द्विपक्षीय निवेश संधि से इन संबंधों को और मजबूती मिली है। ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी है, जिसमें दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति समझौते शामिल हैं।

भारतीय दूतावास के अनुसार, यह यात्रा दोनों नेताओं को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए नए रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान करेगी। यह आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान को भी सक्षम बनाएगी।

सितंबर 2023 में, नाहयान ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के रूप में जी20 लीडर्स समिट में भाग लिया था। इसके बाद नवंबर 2023 में, उन्होंने वर्चुअल ग्लोबल साउथ समिट में भी भाग लिया। जनवरी 2024 में, वे गुजरात में 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के मुख्य अतिथि थे। पिछले पांच वर्षों में भारत और यूएई के संबंध काफी मजबूत हुए हैं।

Point of View

बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी भारत और यूएई के बीच सहयोग को दर्शाता है। यह दोनों देशों के लिए एक नई रणनीतिक दिशा निर्धारित करने का अवसर है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

यूएई के राष्ट्रपति नाहयान कब भारत आ रहे हैं?
यूएई के राष्ट्रपति नाहयान 19 जनवरी 2026 को भारत आ रहे हैं।
यह यात्रा कितनी महत्वपूर्ण है?
यह यात्रा भारत-यूएई के संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।
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