PM मोदी यूएई रवाना: राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से होगी मुलाकात, ऊर्जा और व्यापार पर अहम MOU संभव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
PM मोदी यूएई रवाना: राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से होगी मुलाकात, ऊर्जा और व्यापार पर अहम MOU संभव

सारांश

PM मोदी का यह पाँच-देशीय दौरा महज़ कूटनीतिक रस्म नहीं — यह खाड़ी से यूरोप तक भारत की आर्थिक और रणनीतिक पहुँच को एक साथ मज़बूत करने का प्रयास है। यूएई में ऊर्जा MOU से लेकर गोथेनबर्ग में यूरोपीय बिज़नेस राउंड टेबल तक, हर पड़ाव एक सुचिंतित रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 15 मई को नई दिल्ली से अबू धाबी के लिए रवाना हुए।
यूएई राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा पर वार्ता होगी।
एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व पर दो MOU पर हस्ताक्षर संभव।
यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय ; प्रवासी कल्याण भी एजेंडे में।
यूएई के बाद नीदरलैंड, स्वीडन (गोथेनबर्ग), नॉर्वे और इटली का दौरा; तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन भी शामिल।
यूएई 25 वर्षों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और सातवाँ सबसे बड़ा निवेश स्रोत ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 15 मई को नई दिल्ली से अबू धाबी के लिए रवाना हो गए। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के इस आधिकारिक दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब खाड़ी क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक और आर्थिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है।

मुख्य घटनाक्रम

अबू धाबी में पीएम मोदी यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के आपसी संबंधों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत वार्ता करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश जुड़ाव को और मज़बूती देगा। गौरतलब है कि यूएई पिछले 25 वर्षों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल निवेश का सातवाँ सबसे बड़ा स्रोत रहा है।

भारतीय समुदाय का मुद्दा

यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय निवासी हैं, जो इसे दुनिया में सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक बनाता है। इस दृष्टि से यह दौरा प्रवासी भारतीयों के कल्याण, उनके अधिकारों और रोज़गार संबंधी मुद्दों पर चर्चा का भी एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

यूरोप दौरे के अगले पड़ाव

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने जानकारी दी कि यूएई के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड जाएंगे — 2017 के बाद उनका यह दूसरा नीदरलैंड दौरा होगा। वहाँ वे किंग विलेम-अलेक्जेंडर, क्वीन मैक्सिमा और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से मुलाकात करेंगे।

तीसरे चरण में पीएम मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुँचेंगे, जहाँ वे अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और व्यापार विस्तार के नए रास्ते तलाशेंगे। दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ इंडस्ट्री के लिए यूरोपीय राउंड टेबल को भी संबोधित करेंगे, जो पैन-यूरोपियन बिज़नेस लीडर्स का एक प्रमुख मंच है।

चौथे पड़ाव पर सोमवार को पीएम मोदी नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। दौरे के अंतिम चरण में मंगलवार को वे इटली पहुँचेंगे, जहाँ राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बैठक होगी।

रणनीतिक महत्व

यह बहु-देशीय दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका मज़बूत करने और यूरोपीय व खाड़ी देशों के साथ आर्थिक साझेदारी गहरी करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर यूएई के साथ संभावित MOU भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।

आने वाले दिनों में इन बैठकों के परिणाम और संयुक्त वक्तव्य भारत की विदेश नीति की दिशा को और स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यूरोप में तकनीक और व्यापार, और नॉर्डिक देशों में हरित साझेदारी एक साथ साधने की कोशिश। लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये MOU और शिखर वार्ताएँ ठोस निवेश और रोज़गार में तब्दील होती हैं या नहीं — क्योंकि पिछले कई दौरों के बाद भी द्विपक्षीय व्यापार के आँकड़े अक्सर घोषणाओं से पीछे रह जाते हैं। यूएई के साथ ऊर्जा MOU भारत की आयात निर्भरता को कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम है, बशर्ते क्रियान्वयन समयसीमा पर हो।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का यूएई दौरा किस उद्देश्य से हो रहा है?
यह दौरा भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए हो रहा है। इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों के कल्याण पर चर्चा होगी।
यूएई दौरे में कौन-से समझौते होने की उम्मीद है?
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम MOU पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। ये समझौते भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
यूएई में कितने भारतीय रहते हैं और इस दौरे से उन्हें क्या फायदा होगा?
यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय निवासी हैं। इस दौरे के दौरान प्रवासी भारतीयों के कल्याण, रोज़गार और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
PM मोदी यूएई के बाद किन देशों का दौरा करेंगे?
यूएई के बाद PM मोदी नीदरलैंड, स्वीडन के गोथेनबर्ग, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी वे भाग लेंगे।
भारत और यूएई के व्यापारिक संबंध कितने मज़बूत हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूएई पिछले 25 वर्षों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल निवेश का सातवाँ सबसे बड़ा स्रोत रहा है। यह रिश्ता खाड़ी क्षेत्र में भारत की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 12 घंटे पहले
  3. 18 घंटे पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले