हैदराबाद एयरपोर्ट पर बम की धमकी: लुफ्थांसा फ्लाइट LH 754 आइसोलेशन बे में, जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA), शमशाबाद, हैदराबाद पर 15 मई 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब लुफ्थांसा एयरलाइंस की फ्लाइट LH 754 — जो जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही थी — में बम होने की धमकी मिली। उड़ान के दौरान एयरलाइन के ग्राहक सेवा विभाग को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि विमान में विस्फोटक रखा गया है और शमशाबाद पहुँचने से पहले उसे उड़ा दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल सक्रिय हो गईं और फ्लाइट के उतरते ही उसे आइसोलेशन बे में ले जाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
जैसे ही धमकी भरा ईमेल सामने आया, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और हवाई अड्डे की सुरक्षा इकाई को तत्काल अलर्ट पर रखा गया। राहत की बात यह रही कि विमान बिना किसी अप्रिय घटना के सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर उतर गया। लैंडिंग के तुरंत बाद विमान को सामान्य टर्मिनल से दूर आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहाँ विशेषज्ञ दल ने बारीकी से तलाशी अभियान शुरू किया।
यात्रियों की जांच और शुरुआती निष्कर्ष
सभी यात्रियों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान से उतारा गया और प्रत्येक की व्यक्तिगत जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती तलाशी में विमान में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हैं और धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान तथा उसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश जारी है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारतीय हवाई अड्डों पर इस तरह की फर्ज़ी बम धमकियों की घटनाएँ बढ़ी हैं, जो सुरक्षा तंत्र पर अनावश्यक दबाव डालती हैं।
विदेशी मुद्रा की बरामदगी — दूसरा मामला
इसी हवाई अड्डे पर उसी दिन एक अलग मामले में CISF के जवानों ने नियमित बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान एक यात्री के पास से ₹11,85,930 मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद की। कथित तौर पर यह यात्री सैयद इस्माइल अली बताया जा रहा है, जो शमशाबाद से बैंकॉक जाने की तैयारी में था। बैग की जांच के दौरान संदिग्ध विदेशी करेंसी दिखते ही उसे तत्काल अलग कर लिया गया और यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
जांच की स्थिति
अधिकारियों ने पूरी बरामद राशि जब्त कर ली है। जांच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह धनराशि किस स्रोत से आई और इसे बैंकॉक ले जाने का उद्देश्य क्या था। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा-पार मुद्रा तस्करी के मामलों पर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से कड़ी नज़र रख रही हैं।
आगे क्या होगा
बम धमकी मामले में साइबर और खुफिया एजेंसियाँ ईमेल के मूल स्रोत की जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि धमकी फर्ज़ी साबित होती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विमान सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है। दोनों मामलों में जांच की प्रक्रिया जारी है।