AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग शुरू: इनकम टैक्स विभाग ने ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटीज जारी कीं
सारांश
मुख्य बातें
इनकम टैक्स विभाग ने 16 मई 2025 को ई-फाइलिंग पोर्टल पर वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटीज जारी कर दीं, जिससे चालू कर-वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आधिकारिक प्रक्रिया आरंभ हो गई है। करदाता अब ऑनलाइन और ऑफलाइन — दोनों माध्यमों से अपना रिटर्न तैयार कर सकते हैं।
कौन-सी यूटिलिटीज उपलब्ध हैं
विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि ITR-1 और ITR-4 के लिए एक्सेल यूटिलिटीज के साथ-साथ ऑनलाइन फाइलिंग विकल्प भी सक्रिय कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ऑफलाइन यूटिलिटीज भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके ज़रिए करदाता फॉर्म ऑफलाइन भर सकते हैं, JSON फाइल जनरेट कर सकते हैं और सत्यापन के बाद उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
कौन भर सकता है कौन-सा फॉर्म
ITR-1, जिसे 'सहज' के नाम से जाना जाता है, उन निवासी व्यक्तियों के लिए है जिनकी वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। ITR-4, जिसे 'सुगम' कहा जाता है, उन निवासी व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और LLP को छोड़कर अन्य फर्मों पर लागू होता है, जिनकी वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। वर्तमान में आय की प्रकृति और करदाता श्रेणी के आधार पर कुल सात अलग-अलग ITR फॉर्म उपलब्ध हैं।
अंतिम तिथि और नए बदलाव
नॉन-ऑडिट करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 है। इससे पहले, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने संशोधित प्रकटीकरण नियमों के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के ITR फॉर्म अधिसूचित किए थे। इन बदलावों में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, शेयर बायबैक से होने वाली हानि और कुछ व्यापारिक लेन-देन से जुड़ी अतिरिक्त रिपोर्टिंग आवश्यकताएँ शामिल हैं।
प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि
CBDT द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वर्ष की तुलना में 5.12 प्रतिशत बढ़कर ₹23,40,406 करोड़ हो गया। यह वृद्धि कर अनुपालन में सुधार और डिजिटल फाइलिंग के विस्तार का संकेत देती है। गौरतलब है कि ई-फाइलिंग पोर्टल के आधुनिकीकरण के बाद से रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया लगातार सरल होती जा रही है।
आगे की राह
शेष ITR फॉर्म — ITR-2, ITR-3 और अन्य — के लिए यूटिलिटीज क्रमशः जारी किए जाने की उम्मीद है। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की भीड़ से बचने के लिए समय रहते अपना रिटर्न तैयार करना शुरू करें।