बाजार की पाठशाला: जीरो टैक्स होने पर आईटीआर भरने के 5 महत्वपूर्ण लाभ
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) में बहुत से ऐसे करदाता हैं जिनकी आय टैक्स के दायरे से नीचे रह सकती है। इसका मुख्य कारण सेक्शन 87ए के अंतर्गत मिलने वाली छूट, कटौतियां या पार्ट-टाइम काम, फ्रीलांसिंग और डिविडेंड जैसी कम आय हो सकती है।
इस स्थिति में एक सामान्य प्रश्न यह है कि जब टैक्स देनदारी शून्य है तो क्या इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरना आवश्यक है? इसका उत्तर है—हां, कई मामलों में 'निल आईटीआर' दाखिल करना फायदेमंद और समझदारी भरा कदम होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तव में आईटीआर भरना केवल टैक्स चुकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी सालाना आय का एक आधिकारिक रिकॉर्ड होता है, जो आयकर विभाग के पास दर्ज रहता है। भले ही आपकी टैक्स देनदारी शून्य हो, फिर भी आईटीआर भरने से आपकी वित्तीय हिस्ट्री साफ और व्यवस्थित रहती है, जो आगे चलकर कई कामों में मदद करती है।
आज के डिजिटल युग में आयकर विभाग एआईएस (एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट) और टीआईएस (टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी) जैसे टूल्स के माध्यम से आपकी बैंकिंग, निवेश, ब्याज, टीडीएस और बड़े लेनदेन की जानकारी पहले से ट्रैक करता है। इस प्रकार, आईटीआर फाइल करने से आपका रिकॉर्ड सही और कानूनी रूप से अपडेट रहता है, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी, नोटिस या जांच की संभावना कम हो जाती है।
जानकारों के मुताबिक, यदि आपकी आय पर टैक्स नहीं बनता, तब भी टीडीएस कट सकता है, जैसे बैंक ब्याज, फिक्स्ड डिपॉजिट, फ्रीलांसिंग या शेयरों से मिलने वाले डिविडेंड पर। आईटीआर दाखिल करने से आप इस कटे हुए टैक्स का रिफंड आसानी से क्लेम कर सकते हैं। यही इसका एकमात्र वैध तरीका भी है।
इसके अतिरिक्त, बैंक और वित्तीय संस्थान लोन या क्रेडिट कार्ड देते समय आईटीआर को आय के प्रमाण के रूप में मांगते हैं। ऐसे में भले ही आपकी आय कम हो, लेकिन नियमित आईटीआर दाखिल करने से आपकी विश्वसनीयता बढ़ती है और लोन मिलने की संभावना मजबूत होती है।
विदेश यात्रा या अध्ययन के लिए वीजा आवेदन में भी पिछले 3 से 5 वर्षों के आईटीआर रिकॉर्ड की आवश्यकता होती है। इससे आपकी वित्तीय स्थिति का आकलन किया जाता है, इसलिए निल आईटीआर दाखिल करना भविष्य की योजनाओं के लिए भी आवश्यक हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वर्ष आपको शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या व्यवसाय में नुकसान हुआ है, तो आईटीआर दाखिल करके आप उस नुकसान को आगे के वर्षों में समायोजित कर सकते हैं। इससे भविष्य में टैक्स बचत का लाभ मिलता है।
लगातार निल आईटीआर दाखिल करने से आपका टैक्स रिकॉर्ड साफ और मजबूत बनता है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच या नोटिस की संभावना कम हो जाती है और आपकी वित्तीय विश्वसनीयता बनी रहती है।