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क्या नए इनकम टैक्स बिल से देरी से आईटीआर जमा करने वाले करदाता रिफंड का दावा कर सकते हैं?

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क्या नए इनकम टैक्स बिल से देरी से आईटीआर जमा करने वाले करदाता रिफंड का दावा कर सकते हैं?

सारांश

नई दिल्ली में पास हुए नए इनकम टैक्स बिल के अनुसार, देरी से आईटीआर जमा करने वाले करदाता रिफंड का दावा कर सकते हैं। जानिए इस बिल के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में, जो छोटे करदाताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

मुख्य बातें

नए इनकम टैक्स बिल में रिफंड का दावा करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
देर से आईटीआर जमा करने वाले करदाता भी रिफंड के पात्र होंगे।
छोटे करदाताओं को भी आईटीआर दाखिल करना आवश्यक होगा।
बिना पेनल्टी के रिटर्न दाखिल करने की सुविधा।
सरकार का उद्देश्य करदाताओं के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना है।

नई दिल्ली, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में पारित नए इनकम टैक्स बिल के अंतर्गत, जो करदाता देर से आईटीआर जमा करते हैं, वे भी अतिरिक्त काटे गए टैक्स का रिफंड मांग सकते हैं।

विश्लेषकों ने बताया कि इस नए इनकम टैक्स विधेयक में छोटे करदाताओं के लिए केवल टैक्स रिफंड का दावा करने हेतु रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता को समाप्त करने का प्रस्ताव नहीं है।

इसका मतलब यह है कि छोटे करदाताओं को भी टैक्स रिफंड पाने के लिए आईटीआर जमा करना आवश्यक होगा।

नए बिल में धारा 433 को बनाए रखा गया है, जिसके अनुसार ‘रिफंड का प्रत्येक दावा धारा 263 के माध्यम से रिटर्न प्रस्तुत करके ही किया जा सकता है।'

इस बिल के अंतर्गत, वे करदाता जो अंतिम तारीख के बाद आईटीआर जमा या संशोधित करते हैं, वे भी रिफंड के लिए पात्र माने जाएंगे।

वरिष्ठ नागरिकों समेत छोटे करदाताओं को केवल टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) की वापसी का दावा करने के लिए रिटर्न दाखिल करना होगा, भले ही उनकी आय मूल छूट सीमा से कम हो।

संसदीय समिति ने सुझाया था कि करदाताओं को केवल पेनल्टी से बचने के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

बीडीओ इंडिया में ग्लोबल एम्प्लॉयर सर्विसेज, टैक्स एंड रेगुलेटरी सर्विसेज की पार्टनर प्रीति शर्मा ने कहा, "नए कानून का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आम नागरिक इसे पुराने कानून की तुलना में कम मेहनत में आसानी से समझ सकता है। संशोधित विधेयक में सेलेक्ट समिति द्वारा सुझाए गए अधिकांश बदलाव शामिल किए गए हैं। करदाताओं को अभी भी टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय सही रिजीम का आकलन करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके अलावा, बजट 2025 में प्रस्तावित कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।"

भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में 31 सदस्यीय संसदीय समिति की सिफारिशों को इस नए विधेयक में शामिल किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि नए इनकम टैक्स बिल का उद्देश्य करदाताओं को अधिक सुलभता और समझ प्रदान करना है। यह सुधार छोटे करदाताओं के लिए राहत लेकर आया है और सरकार की ओर से एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नए इनकम टैक्स बिल से सभी करदाता रिफंड का दावा कर सकते हैं?
जी हां, नए इनकम टैक्स बिल के अंतर्गत सभी करदाता, जो देर से आईटीआर जमा करते हैं, रिफंड का दावा कर सकते हैं।
क्या छोटे करदाताओं को आईटीआर जमा करना आवश्यक है?
हां, छोटे करदाताओं को भी टैक्स रिफंड पाने के लिए आईटीआर जमा करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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