क्या भारत-ईयू एफटीए से महाराष्ट्र को लाभ होगा? : सीएम फडणवीस

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क्या भारत-ईयू एफटीए से महाराष्ट्र को लाभ होगा? : सीएम फडणवीस

सारांश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते से महाराष्ट्र को अनेक लाभ होंगे। यह समझौता न केवल उद्योगों के लिए, बल्कि किसानों के लिए भी अत्यधिक फायदेमंद साबित होगा। जानें इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभाव को विस्तार से।

Key Takeaways

  • भारत-ईयू एफटीए से महाराष्ट्र को बड़े लाभ मिलेंगे।
  • किसानों को बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी।
  • यह समझौता निवेश को आकर्षित करेगा।
  • 27 यूरोपीय देशों के साथ जुड़ने का अवसर।
  • उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

मुंबई, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से महाराष्ट्र को काफी लाभ प्राप्त होगा।

सीएम फडणवीस ने बताया कि टेक्सटाइल और कपड़ों, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, बेस मेटल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तेज विकास, बेहतर प्रतिस्पर्धा और वैश्विक बाजार तक अधिक पहुंच की संभावना है। इसके अतिरिक्त, किसानों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण सफलता है। इस ऐतिहासिक समझौते को 'सभी व्यापार समझौतों की जननी' कहा जाता है, जिससे भारत 27 यूरोपीय देशों के साथ जुड़ गया है, जिनका वैश्विक जीडीपी में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान है। यह समझौता भारतीय निर्यात के लिए अभूतपूर्व बाजार पहुंच प्रदान करता है, जिसमें 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय वस्तुओं को यूरोपीय संघ में प्राथमिकता प्राप्त होगी। इसके परिणामस्वरूप, 6.41 लाख करोड़ रुपए के निर्यात में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है, खासकर टेक्सटाइल, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में।"

इसके अतिरिक्त, भारत-ईयू एफटीए भारतीय कृषि और प्रोसेस्ड फूड निर्यात के लिए अनुकूल बाजार पहुंच प्रदान करता है, जिससे किसानों और कृषि मूल्य श्रृंखला को महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एक भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी ढांचा कुशल और अर्ध-कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए वैश्विक अवसरों का और विस्तार करता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति मजबूत होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "गहरे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और निरंतर व्यापार-आधारित विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक पहचान को मजबूत करता है, जबकि महाराष्ट्र को निर्यात-उन्मुख विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करता है।"

भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए महाराष्ट्र सरकार द्वारा विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) शिखर सम्मेलन के दौरान 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों के लिए सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के कुछ दिनों बाद हुआ है। इसके अलावा, सरकार ने 7 से 10 लाख करोड़ रुपए के एक और निवेश के लिए प्रारंभिक बातचीत की है, जिसके लिए सरकार अगले एक या दो महीने में एमओयू पर हस्ताक्षर करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निवेश उद्योग, सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग, प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित कौशल, ईवी, शहरी परिवर्तन, हरित इस्पात, जहाज निर्माण, स्थिरता, फिनटेक, डिजिटल अवसंरचना और कपड़ा क्षेत्रों से संबंधित हैं।

उन्होंने बताया, "इन निवेशों में से 83 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है, जबकि 16 प्रतिशत निवेश विदेशी संस्थाओं और विदेशी प्रौद्योगिकी के साथ किया गया है। इनमें से कुछ निवेश आयात प्रतिस्थापन के लिए हैं। ये एमओयू अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, सिंगापुर, जर्मनी, यूएई, नॉर्वे और कनाडा सहित 18 देशों की कंपनियों के साथ किए गए हैं।"

Point of View

बल्कि यह भारत की वैश्विक पहचान को भी बढ़ावा देता है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र के विकास के लिए एक प्रमुख कदम बताया है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

भारत-ईयू एफटीए का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत-ईयू एफटीए का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।
इस समझौते से किसानों को क्या लाभ होगा?
इस समझौते से किसानों को कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी।
क्या इस समझौते से महाराष्ट्र में निवेश बढ़ेगा?
हाँ, यह समझौता महाराष्ट्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद करेगा।
भारत-ईयू एफटीए का क्या महत्व है?
यह समझौता भारत को 27 यूरोपीय देशों के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने में मदद करेगा।
क्या उद्योगों को इस समझौते से लाभ होगा?
जी हां, उद्योगों को बेहतर प्रतिस्पर्धा और बाजार पहुंच मिलेगी।
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