27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत-ईयू एफटीए के प्रभाव से भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाई प्राप्त की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत-ईयू एफटीए के प्रभाव से भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाई प्राप्त की?

सारांश

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के अंतिम रूप लेने के बाद भारतीय शेयर बाजार में अद्भुत तेजी आई है। सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। जानें बाजार का वर्तमान हाल और विशेषज्ञों की राय।

मुख्य बातें

भारत-ईयू एफटीए का सकारात्मक प्रभाव सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की वृद्धि निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन कमजोर बाजार में जोखिम प्रबंधन की आवश्यकता

मुंबई, 28 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सकारात्मक माहौल और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के चलते बुधवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ उच्च स्तर पर खुले। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स जहां पिछले बंद भाव से 34.88 अंक बढ़कर 81,892.36 पर खुला। वहीं निफ्टी 83.45 अंक उछलकर 25,258.85 पर खुला।

खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.28 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 483.28 अंक या 0.59 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,340.76 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 153.45 अंक या 0.61 प्रतिशत की उछाल के साथ 25,328.85 पर था। इस दौरान निफ्टी के लगभग सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।

इस बीच व्यापक बाजार में अच्छी तेजी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई, तो वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, ऑटो और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में गिरावट देखी गई।

सेंसेक्स पैक में, एक्सिस बैंक, ट्रेंट, आईटीसी, पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, बीईएल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और एसबीआई टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि पिछले सत्र में हालिया कमजोरी के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की। निचले स्तरों पर खरीदारी के चलते निफ्टी50 ने 25,000 के अहम स्तर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी, जबकि सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी में बैंकिंग, मेटल और चुनिंदा ऑयल एंड गैस शेयरों का अहम योगदान रहा।

इस उछाल के बावजूद, बाजार का रुख मिला-जुला रहा, जिससे पता चलता है कि जोखिम लेने की प्रवृत्ति अभी भी सीमित है। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों से कम रहा, जो व्यापक बाजार में निरंतर सतर्कता को दर्शाता है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी फिलहाल अस्थिर और सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। 25,300 से 25,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में उभर रहा है। इस दायरे के ऊपर टिकाऊ मजबूती आने पर ही शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है। नीचे की ओर 25,000 का स्तर मजबूत मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है, इसके बाद 24,800 अगला अहम स्तर है। अगर निफ्टी इन सपोर्ट स्तरों से नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है और सुधार का दौर लंबा खिंच सकता है। मोमेंटम संकेतक अब भी कमजोर हैं, हालांकि कुछ शेयरों में ओवरसोल्ड स्थिति के चलते सीमित रिकवरी संभव है।

एक्सपर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार के साथ न्यूट्रल से हल्की सकारात्मक चाल देखने को मिल सकती है। ट्रेडर्स को सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने, कंपनियों के नतीजों और सेक्टर-विशेष अवसरों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। वहीं निवेशक भी नए निवेश से पहले अहम सपोर्ट स्तरों के पास बाजार में स्थिरता का इंतजार करना बेहतर समझ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक संकेतों और भारत-ईयू एफटीए के प्रभाव का परिणाम है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ईयू एफटीए का शेयर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?
भारत-ईयू एफटीए के अंतिम रूप लेने से बाजार में सकारात्मक माहौल बना, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखने को मिली।
क्या सेंसेक्स में यह तेजी लंबे समय तक बनेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार 25,300 से 25,400 के स्तर को पार करता है, तो यह तेजी लंबे समय तक जारी रह सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले