विश्व शांति दिवस 2026: योगी, भजनलाल, नायब सैनी समेत कई मुख्यमंत्रियों ने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस (21 सितंबर 2026) के अवसर पर देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रेम, करुणा और सद्भावना को अपनाने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित अनेक नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा करते हुए वैश्विक शांति के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इन संदेशों में भारत की सनातन परंपरा से जुड़े 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के दर्शन को केंद्र में रखा गया।
मुख्यमंत्रियों के संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'विश्व शांति दिवस पर भारत का शाश्वत संदेश वसुधैव कुटुम्बकम् हमें स्मरण कराता है कि संवाद संघर्ष से, सह-अस्तित्व विभाजन से और करुणा हिंसा से कहीं अधिक शक्तिशाली है। आइए, सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: की भावना के साथ एक ऐसे विश्व के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ युद्ध नहीं, संवाद; भय नहीं, विश्वास और वैमनस्य नहीं — मानवता भविष्य की भाषा बने।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, 'विश्व शांति दिवस के अवसर पर वसुधैव कुटुम्बकम् के शाश्वत भारतीय दर्शन को आत्मसात करते हुए आइए, हम सब मिलकर देश और संपूर्ण विश्व में प्रेम, भाईचारे तथा सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करने का संकल्प लें।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर संस्कृत की उक्ति उद्धृत करते हुए लिखा, 'सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्। विश्व शांति दिवस के अवसर पर आइए, हम सभी मिलकर प्रेम, करुणा और सद्भावना को अपनाने का संकल्प लें एवं शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।'
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर कहा, 'प्राचीन काल से हमारे भारत ने विश्व शांति के संदेश के साथ विश्व बंधुत्व, मानव कल्याण और परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयास किए हैं। यह अवसर प्रेरित करता है कि समानता, सहयोग और सद्भावना से विश्व शांति में सभी सहभागी बनें।'
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, 'आइए, प्रेम और सहिष्णुता की भावना को मजबूत कर शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।' उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने भी एक्स पर कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने सदैव 'वसुधैव कुटुंबकम्' के माध्यम से विश्व कल्याण और शांति का मार्ग दिखाया है।
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 1981 में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस की स्थापना की थी। वर्ष 2001 में 21 सितंबर को इसे स्थायी रूप से इस दिवस के लिए निर्धारित किया गया। यह दिन दुनिया भर में शांति, अहिंसा और आपसी सहयोग के महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है।
यह दिवस वैश्विक स्तर पर सक्रिय संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान और सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर देता है। यह ऐसे समय में विशेष प्रासंगिक है जब दुनिया के कई हिस्सों में सशस्त्र संघर्ष जारी हैं।
आम जनता पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक नेतृत्व के इस तरह के सार्वजनिक संदेश सामाजिक सद्भाव की दिशा में एक सकारात्मक संकेत देते हैं। भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की परंपरा को वैश्विक मंचों पर भी मान्यता मिल रही है, और इन संदेशों से आम नागरिकों में शांति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
आने वाले दिनों में विभिन्न राज्य सरकारें इस दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सकती हैं।