हिंदी दिवस 2026: योगी, भजनलाल, हिमंता समेत कई मुख्यमंत्रियों ने दी बधाई, बोले — 'हिंदी राष्ट्रीय एकता की सशक्त अभिव्यक्ति'
सारांश
मुख्य बातें
14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर देशभर के कई मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी शुभकामनाएं साझा कीं और हिंदी को ज्ञान, शासन, तकनीक एवं नवाचार की भाषा के रूप में और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा तक, नेताओं ने हिंदी को भारतीय अस्मिता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'हिंदी दिवस की सभी हिंदी प्रेमियों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति है।' उन्होंने सभी से हिंदी के सम्मान, संवर्धन एवं व्यापक प्रयोग के लिए संकल्प लेने का आग्रह किया।
दिल्ली, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश के नेताओं की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा, 'हिंदी हमें जोड़ती है — मन से मन को, जन से जन को, परंपरा को तकनीक से और भारत को विश्व से।' उन्होंने हिंदी को 'जड़ों की भाषा और भविष्य' दोनों बताया तथा इसे नवाचार और नई पीढ़ी के संवाद से जोड़ने पर ज़ोर दिया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में कहा, 'हिंदी भाषा हमारे संस्कारों, भावनाओं और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह विविधताओं से भरे हमारे देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है।' उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए हिंदी की समृद्धि और गौरव को संरक्षित करने का संकल्प लेने की अपील की।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने एक्स पर कहा कि हिंदी ने भारत की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और हिंदी के प्रति सम्मान एवं प्रेम की भावना को और सशक्त बनाने की ज़रूरत है। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश में हिंदी सम्पर्क भाषा के रूप में अहम भूमिका निभाती है, जिससे खांडू का संदेश विशेष महत्व रखता है।
छत्तीसगढ़ और असम के मुख्यमंत्रियों का संबोधन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर लिखा कि हिंदी भाषा 'हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार और हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम है।' उन्होंने हिंदी को ज्ञान, विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार के साथ विकसित भारत की सशक्त भाषा बनाने का आह्वान किया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पोस्ट में हिंदी की साहित्यिक विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'हिंदी की खूबसूरती शायद इसी में है कि इसमें कबीर की निर्भीकता भी है, तुलसी की भक्ति भी, प्रेमचंद की संवेदना भी और दिनकर की हुंकार भी।' उन्होंने हिंदी की 'जीवंत परंपरा को नमन' किया।
राजस्थान उप मुख्यमंत्री का संदेश और व्यापक संदर्भ
राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने हिंदी को 'आत्मीय अभिव्यक्ति, साहित्यिक समृद्धि और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक' बताते हुए इसके विकास और संवर्धन को 'साझा जिम्मेदारी' कहा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में हिंदी को तकनीकी और डिजिटल माध्यमों में अधिक स्थान देने की माँग तेज़ हो रही है। हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है — इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में मान्यता दी थी। इस वर्ष नेताओं के संदेशों में हिंदी को भूतकाल की धरोहर के साथ-साथ डिजिटल और तकनीकी भविष्य की भाषा के रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष बल दिखा।