रक्षाबंधन 2026: योगी आदित्यनाथ समेत 8 मुख्यमंत्रियों ने दी शुभकामनाएं, भाई-बहन के बंधन को बताया अटूट
सारांश
मुख्य बातें
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर 28 अगस्त को देशभर के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल-नियुक्त मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तक, सभी ने इस त्योहार को भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। यह त्योहार देश की सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को रेखांकित करता है।
योगी आदित्यनाथ का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'स्नेह, विश्वास, संस्कार एवं आत्मीयता के पावन पर्व रक्षाबंधन की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।' उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस पवित्र पर्व पर सनातन सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लें।
दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के संदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि स्नेह, विश्वास और कर्तव्य का यह पावन पर्व पारिवारिक संस्कारों की शक्ति है और उन्होंने कामना की कि यह बंधन हर घर में सुख, समृद्धि और आत्मीयता बढ़ाए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि यह पवित्र पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास सदैव मजबूत बना रहे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समस्त मातृशक्ति और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि रक्षाबंधन सांस्कृतिक परंपराओं में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का सुंदर प्रतीक है।
बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के संदेश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और संस्कृत श्लोक — 'येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।' — के साथ रक्षाबंधन की परंपरा को वैदिक परंपरा से जोड़ा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह पर्व बचपन की मीठी यादों से लेकर जीवन के हर पड़ाव तक स्नेह, अपनत्व और विश्वास से जुड़ता है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि राखी का पवित्र धागा पारिवारिक मूल्यों की सुंदर परंपरा को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाता है।
जम्मू-कश्मीर में एकता का संदेश
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार भाई-बहनों के बीच प्यार, भरोसे और आपसी सम्मान के अनमोल रिश्ते का जश्न है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पर्व पूरे जम्मू-कश्मीर में एकता और सद्भाव को और मजबूत करेगा — एक ऐसे क्षेत्र के लिए यह संदेश विशेष महत्व रखता है जो हाल के वर्षों में सामाजिक समरसता की दिशा में नई शुरुआत कर रहा है।
रक्षाबंधन का सांस्कृतिक महत्व
गौरतलब है कि रक्षाबंधन केवल एक पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सामासिक संस्कृति का प्रतिबिंब भी है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न राज्यों के नेता एक स्वर में सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों पर जोर दे रहे हैं। विभिन्न दलों के मुख्यमंत्रियों का एक साझा सांस्कृतिक पर्व पर एकमत होकर संदेश देना इस त्योहार की व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता को दर्शाता है।