रक्षाबंधन पर योगी आदित्यनाथ का संदेश: बहन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लें
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र जारी करते हुए कहा कि यह पर्व केवल भाई की कलाई पर बंधने वाला धागा नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने इस वर्ष 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले इस पर्व को बहन-बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं स्वाभिमान के प्रति दायित्व-बोध का अवसर बताया।
पौराणिक प्रसंगों से जोड़ा पर्व का महत्व
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक कथाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की उंगली से रक्त बहता देख द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर बांध दिया था, और श्रीकृष्ण ने संकट के समय उनकी रक्षा कर इस स्नेह का प्रत्युत्तर दिया। इसी प्रकार, माता लक्ष्मी ने राजा बलि को रक्षा-सूत्र बांधकर उन्हें भाई बनाया और भगवान विष्णु को अपने साथ ले आईं। योगी ने कहा कि ये प्रसंग बताते हैं कि स्नेह केवल संबंध नहीं बनाता, वह दायित्व और संरक्षण का भाव भी जगाता है।
नई पीढ़ी के लिए संस्कारों की प्रासंगिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब नई पीढ़ी तकनीकी उन्नयन के साथ आगे बढ़ रही है, तब विवेक, सद्भाव और सामाजिक एकता के संस्कारों को आचरण का अंग बनाना पहले से अधिक आवश्यक है। उनके अनुसार, यही संस्कार परिवारों को सुदृढ़ करते हैं, समाज को एकजुट रखते हैं और संविधान की प्रस्तावना में निहित समानता, बंधुता और सामाजिक समरसता के भाव को सशक्त करते हुए राष्ट्र को शक्ति प्रदान करते हैं।
सरकार की योजनाएँ: महिला सुरक्षा और स्वावलंबन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने विगत साढ़े नौ वर्षों में बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने मिशन शक्ति और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इन पहलों ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और प्रगति को गति दी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना से सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, जबकि महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निःशुल्क बस यात्रा और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से प्रारंभ की गई माताओं-बहनों के लिए निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा इस वर्ष भी 27 से 29 अगस्त तक उपलब्ध रहेगी, जिससे सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय स्तर पर निर्मित राखियों और उपहारों को प्राथमिकता दें, ताकि स्थानीय श्रम, कौशल और उद्यम को प्रोत्साहन मिले और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को बल मिले। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षाबल, पुलिसकर्मियों और आपदा राहत कर्मियों को रक्षा-सूत्र बांधकर उनके प्रति अपनत्व और कृतज्ञता प्रकट की जाए।