रक्षाबंधन 2026: PM मोदी, गृह मंत्री शाह और लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर देशभर के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। भाई-बहन के इस पावन पर्व पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपनी भावनाएं साझा कीं और महिला सम्मान व सशक्तिकरण के संदेश को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए। स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है।' उनका यह संदेश त्योहार की सामाजिक और सांस्कृतिक गहराई को दर्शाता है।
लोकसभा अध्यक्ष और गृह मंत्री की भावनाएं
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा-सूत्र बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि 'विश्वास, सम्मान, प्रेम और जीवनभर साथ निभाने के संकल्प का उत्सव है।' उन्होंने जोड़ा कि जब समाज की हर बेटी और हर बहन सुरक्षित, सम्मानित और आत्मविश्वास से आगे बढ़ेगी, तभी राष्ट्र और अधिक सशक्त बनेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि यह पर्व 'भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास को समर्पित' है और समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, शांति व समृद्धि लेकर आए।
रक्षा मंत्री और अन्य मंत्रियों के संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि यह पर्व 'हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है' और समाज को महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान व सशक्तिकरण के प्रति 'और अधिक सजग एवं संवेदनशील' बनने की प्रेरणा देता है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास के इस 'पावन बंधन' की शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संस्कृत श्लोक — 'येन बद्धो बलि: राजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।' — के साथ सभी बहनों को बधाई दी और कामना की कि 'स्नेह की अनमोल डोर से बंधा यह पवित्र रिश्ता और मजबूत हो।'
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक्स पर रक्षाबंधन को 'भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और वचनबद्धता का प्रतीक' बताते हुए समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं अर्पित कीं।
त्योहार का व्यापक सामाजिक संदर्भ
गौरतलब है कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर केंद्रीय नेतृत्व के संदेशों में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का सूत्र विशेष रूप से उभरकर आया। यह ऐसे समय में आया है जब महिला अधिकारों और सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ है। रक्षाबंधन की परंपरा सदियों पुरानी है, किंतु इसका अर्थ आज के दौर में केवल पारिवारिक बंधन तक सीमित नहीं रहा — यह महिला गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी बन चुका है।
आने वाले दिनों में भी सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण से जुड़ी नीतिगत पहलों पर ज़ोर जारी रहने की संभावना है, जिसमें रक्षाबंधन जैसे पर्व सामाजिक संदेश देने का माध्यम बनते हैं।