क्या पीएम मोदी और भाजपा नेताओं ने गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस भारत की आधिकारिकता का प्रतीक है।
- यह दिन हमें संविधान और स्वाधीनता सेनानियों की याद दिलाता है।
- सभी नेताओं ने विकसित भारत का संकल्प लिया।
- यह दिन राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है।
नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं भाजपा के अन्य नेताओं ने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित की हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। यह राष्ट्रीय महापर्व, जो भारत की आन-बान और शान का प्रतीक है, आपके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे। विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही मेरी कामना है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक्स' पर लिखा, "समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। इस अवसर पर सभी स्वाधीनता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करता हूं। आइए, मोदी जी के नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों को और सशक्त बनाते हुए ‘विकसित भारत’ बनाने का संकल्प लें।"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, "गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं! आज, हम उस संविधान में अपने विश्वास को फिर से पक्का करते हैं जो हमारे लोकतंत्र, एकता और राष्ट्रीय चरित्र को परिभाषित करता है। हम उन दूरदर्शी लोगों का सम्मान करते हैं जिन्होंने हमारे गणतंत्र को आकार दिया और उन बहादुर बेटों और बेटियों को सलाम करते हैं जो साहस और बलिदान के साथ इसकी रक्षा करते हैं। आइए, एक मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ें। जय हिन्द!"
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गणतंत्र दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा, "इस राष्ट्रीय पर्व पर आइए हम महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों का स्मरण करें और हमारे संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति कटिबद्ध रहने की प्रतिज्ञा करें।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमारा राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और विकास के प्रति समर्पण हमारे लोकतंत्र को सशक्त एवं मजबूत बनाता है। आइए, अपने अमर सेनानियों को स्मरण करते हुए, संविधान के आदर्शों से प्रेरित होकर एक 'सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण हेतु संकल्पित हों। जय हिंद!"